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Siddhaanth Surryavanshi: जिम में वर्कआउट की एक गलती बन सकती है जिंदगी पर खतरा, लोगों को दिनचर्या की परवाह नहीं

Sat, 12 Nov 2022 06:44 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 12 Nov 2022 06:44 AM IST
सार

आंकड़े बताते हैं कि भारत में, 40 साल से कम उम्र के 25% और 50 से कम उम्र के 50% लोगों को हार्ट अटैक का जोखिम है जो वास्तव में महामारी है। नशा, व्यायाम के दौरान गलती, और आनुवांशिक इतिहास युवाओं में तेजी से हार्ट अटैक आने के प्रमुख कारण हैं। 

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heart attack, Death of Siddhant Suryavanshi increased concern and people do not care about routine
सिद्धांत वीर सूर्यवंशी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

टीवी अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला, दक्षिण भारतीय फिल्मों के स्टार पुनीत राजकुमार, कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव और अब सिद्धांत वीर सूर्यवंशी। जिम में वर्कआउट के दौरान इन चारों सेलिब्रिटी की सांसों का थमना यूं ही नहीं है। एक बार फिर यह साबित हुआ कि बाहर से फिट दिखना दिल के भी तंदरुस्त होने की गारंटी नहीं। वरिष्ठ हार्ट रोग विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार ऑफिस या घर का तनाव कम करने के लिए लोग जिम में व्यायाम बढ़ा देते हैं। उन्हें लगता है कि वे तनाव मुक्त हो जाएंगे लेकिन इससे उनका दिल कमजोर हो रहा है। 

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नई दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. तरुण कुमार ने कहा, बीते कुछ साल से हम लगातार फिल्म हस्तियों से जुड़े हार्ट अटैक के मामले देख रहे हैं। अगर समाज के दूसरे हिस्सों की बात करें तो यह संख्या काफी ज्यादा है। आंकड़े बताते हैं कि भारत में, 40 साल से कम उम्र के 25% और 50 से कम उम्र के 50% लोगों को हार्ट अटैक का जोखिम है जो वास्तव में महामारी है। नशा, व्यायाम के दौरान गलती, और आनुवांशिक इतिहास युवाओं में तेजी से हार्ट अटैक आने के प्रमुख कारण हैं। 
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तनाव से होती है दिल के खराब होने की शुरुआत
मुंबई स्थित सिटी अस्पताल के डॉ. प्रेम कुमार वर्मा बताते हैं, तनाव व्यक्ति के बुरे स्वास्थ्य की शुरुआत होती है। तनाव में वह नशे की लत में आता है और फिर धीरे-धीरे अपना दिल कमजोर करने लगता है। यह स्थिति सभी आयु वर्ग के साथ है। समस्या यह है कि कई लोग यह सब जानने के बाद भी अपनी दिनचर्या पर ध्यान नहीं देते हैं। अगर आप वर्कआउट कर रहे हैं तो उसके सभी नियमों को मानें। डाइट अच्छे से फॉलो करें और नशे से तत्काल दूरी बना लें।
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दिल की धमनियां सिकुड़ रहीं 
इंडियन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी का मानना है कि युवाओं में हार्ट अटैक आने के कारण कोरोना और एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक सेवन भी है। जीबी पंत सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉ. मोहित गुप्ता ने बताया, हाल में एक रिसर्च से पुष्टि हुई है कि लोगों में दिल की धमनियां सिकुड़ रही हैं। 10 हजार से भी अधिक मरीजों पर अध्ययन हुआ था, जिसमें 72% की जांच में उपचार के कुछ अंतराल बाद इनकी रक्त धमनियों में सिकुड़न पाई गई। 

स्वस्थ दिखने वाले को भी आ सकता है हार्ट अटैक
नई दिल्ली स्थित नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के सीईओ डॉ. ओपी यादव का कहना है कि हार्ट अटैक के लिए बाहर से स्वस्थ दिखना जरूरी नहीं है। ओवर वर्कआउट से हार्ट अटैक आ सकता है लेकिन दिल की नसों में ब्लॉकेज दूसरे कारणों से होता है। जब आप एक्सरसाइज बढ़ाते हैं तो ये ब्लॉकेज हार्ट अटैक के रूप में दिखाई देता है। कई लोग जिम नहीं जाते लेकिन उनमें भी यही होता है। वे ज्यादा कुछ ऐसा काम कर लेते हैं जिससे उनके दिल पर बोझ पड़ता है। 


पहले खुद से पूछें सवाल 
दिल्ली एम्स के प्रो. डॉ. अंबुज राय के अनुसार, ऐसे कई परीक्षण हैं जो हृदय रोग का पता लगा सकते हैं लेकिन सबसे पहले लोगों को खुद से यह सवाल पूछना चाहिए कि उनकी उम्र क्या है? क्या वह किसी तरह का तंबाकू सेवन या नशा करते हैं? क्या उनके परिवार में कभी किसी को दिल से जुड़ी परेशानी रही है? क्या वे मधुमेह ग्रस्त हैं? सकारात्मक जवाब वाले सभी लोगों को मधुमेह, कोलेस्ट्रॉल, ईसीजी जैसी जांच करा सकते हैं।

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