कोरोना वायरस का असर : कल 12 अहम मामलों पर ही सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
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सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखे जाने वाले अहम मामलों में निर्भया मामले के दोषी मुकेश सिंह की याचिका के साथ ही 2018 की भीमा कोरेगांव हिंसा के आरोपी गौतम नवलखा और आनंद तेलतुंबे की अग्रिम जमानत याचिकाएं भी शामिल हैं।
निर्भया मामले में फांसी पा चुके चार दोषियों में से एक मुकेश ने अपने वकील पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए सजा टालने के कानूनी विकल्प उपयोग करने का दोबारा मौका दिए जाने की गुहार लगाई है। चारों दोषियों को 20 मार्च को फांसी दी जानी है। उधर, नवलखा और तेलतुंबे के मामले में शीर्ष अदालत ने 6 मार्च को दोनों की गिरफ्तारी पर लगी रोक 16 मार्च तक बढ़ा दी थी।
इससे पहले शुक्रवार को शीर्ष अदालत ने चीफ जस्टिस आवास पर आपात बैठक के बाद निर्णय लिया था कि सोमवार से उसकी 15 के बजाय छह पीठ ही सुनवाई करेंगी। इन पीठ के सामने भी केवल अहम और तत्काल सुनवाई लायक मामलों को ही रखा जाएगा। साथ ही सुनवाई के दौरान संबंधित वकीलों के अलावा अन्य सभी के अदालत कक्ष में घुसने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था।
शनिवार को जारी शीर्ष अदालत की कॉज लिस्ट के मुताबिक, लंच से पहले छह पीठ छह अहम मामले सुनेंगी। इसके बाद जज आधा घंटे का विश्राम लेंगे और दूसरे हाफ में भी छह अन्य मामले सुने जाएंगे। शीर्ष अदालत के सेक्रेटरी जनरल संजीव एस. कलगांवकर की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट कर्मचारियों के लिए भी कोरोना वायरस से बचाव के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
एहतियात के तौर पर परिसर स्थित सभी कैफेटेरिया, विभागीय कैंटीन को अगले आदेशों तक बंद करने के लिए कहा गया है। साथ ही सभी कर्मचारियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराने और सेनिटाइजर का उपयोग करने का भी आदेश दिया गया है।
अदालत परिसर के गलियारों की भीड़ से बचने के लिए कोर्ट संख्या 2, 3, 6, 8, 11 और 14 में सुनवाई की जाएगी। अहम मामले सूचीबद्ध करने के लिए मेंशनिंग ऑफिसर शीर्ष अदालत परिसर में शनिवार दोपहर ढाई बजे से शाम 5 बजे तक उपस्थित रहे। मेंशनिंग ऑफिसर को रविवार को भी सुबह 10.30 बजे से शाम 5 बजे तक अदालत परिसर में उपलब्ध रहने का आदेश दिया गया है।
इन जजों की होंगी छह पीठ
जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस विनीत सरन, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड् और जस्टिस हेमंत गुप्ता, जस्टिस एल. नागेश्वर राव और जस्टिस एस. रविंद्र भट्ट तथा जस्टिस एसके कौल और जस्टिस संजीव खन्ना।