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राफेल विवाद : पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

Fri, 10 May 2019 05:20 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Fri, 10 May 2019 05:20 PM IST
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Hearing on Reconsideration petitions on Rafale deal in Supreme court
राफेल विमान (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

उच्चतम न्यायालय में  राफेल मामले में दिसंबर, 2018 में दायर पुनर्विचार याचिकाओं और राहुल के खिलाफ आपराधिक मानहानि के केस में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर ली है। सुनवाई करने वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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वहीं राहुल गांधी के चौकीदार चोर है वाले बयान पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। राहुल गांधी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट ने राहुल गांधी को उनके बयान को लेकर क्लीन चिट देने से इनकार कर दिया। सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को एक-एक घंटे अपनी बात रखने का समय दिया था। कोर्ट ने कहा था कि हम चार बजे तक सुनवाई पूरी कर लेना चाहते हैं। 
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एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सु्प्रीम कोर्ट में कहा था कि याचिकाकर्ता चोरी के दस्तावेजों के चुनिंदा हिस्सों को रख रहे हैं और इसके पीछे कोर्ट को गुमराह करने की नीयत है। उनसे पूछा जाना चाहिए, उनको कागज कहां से मिले। जो सौदा किया गया, वो देश के लिए बहुत जरूरी था। हम सबकी सुरक्षा के लिए इसे किया गया। 

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ये है पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने राफेल पर सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले पर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए इस सौदे की जांच के आदेश देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और प्रशांत भूषण ने इस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल की।


पुनर्विचार याचिकाओं में याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि राफेल मामले पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गलत जानकारी देकर गुमराह किया था, जिसकी वजह से फैसला सरकार के पक्ष में चला गया। 

सरकार ने की पुनर्विचार याचिका खारिज करने की मांग

पुनर्विचार याचिकाओं पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उसने राफेल लड़ाकू विमान की खरीद के मामले में कोई गलत जानकारी अदालत को नहीं दी है।

सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट और गैरकानूनी तरीके से हासिल अधूरी आतंरिक नोट के आधार पर पुनर्विचार याचिका दायर करने वालों ने परजूरी (शपथ लेकर गलत बयान देना) आवेदन दाखिल किया है, लिहाजा इसे खारिज किया जाना चाहिए। 

वहीं, याचिकाकर्ताओं ने भी सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर सीएजी की रिपोर्ट पर सवाल उठाया है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट पीठ इस मसले पर सुनवाई कर रही है। सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर सरकार ने कहा है कि कानूनन, मीडिया रिपोर्ट के आधार पर अदालत कोई निर्णय नहीं लेती। 



सरकार ने कहा, खरीद निर्णय लेने की प्रक्रिया कई चरणों में होती है और कई जगहों या अधिकारियों से हो गुजरती है। अपूर्ण आंतरिक रिपोर्ट के आधार पर परजूरी का आवेदन दाखिल नहीं किया जा सकता। मीडिया रिपोर्ट पूरे घटनाक्रम व प्रक्रिया की सही तस्वीर पेश नहीं करती, वह महज प्रक्रिया का एक हिस्सा है। 

सरकार ने कहा है परजूरी आवेदन पूरी तरह से मिथ्या और आधारहीन तथ्यों पर आधारित है और इसके जरिए राफेल विमान के मामले को फिर से खोलने का प्रयास है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने गत वर्ष 14 दिसंबर को अपना फैसला देकर खत्म कर दिया था।

 

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