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क्या रविशंकर पर लगेगा 5 करोड़ जुर्माना, NGT ने फैसला सुरक्षित रखा
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 13 Nov 2017 05:08 PM IST
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श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग के कार्यक्रम से यमुना को हुए नुकसान और संस्था पर पांच करोड़ जुर्माना लगाए जाने के मामले पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सुनवाई पूरी कर ली है। सोमवार को एनजीटी की विशेष बेंच ने आर्ट ऑफ लिविंग मामले की सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। हालांकि इस मामले में एनजीटी कब फैसला सुनाएगा यह साफ नहीं किया है।
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क्या है मामला
बता दें कि बीते 11 से 13 मार्च के बीच दिल्ली में यमुना तट पर आर्ट ऑफ लिविंग के स्थापना दिवस के मौके पर विश्व संस्कृति महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया था।
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इस आयोजन को लेकर आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रविशंकर को बड़े विवाद का सामना करना पड़ा। कड़े विरोध और विवाद पैदा होने के बावजूद आर्ट ऑफ लिविंग ने तीन दिनों तक यमुना के तट पर कार्यक्रम का आयोजन किया। उस दौरान एनजीटी ने कार्यक्रम के आयोजन से यमुना और पर्यावरण को नुकसान की बातें कहीं।
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एनजीटी ने कहा था कि दिल्ली में यमुना तट पर विश्व संस्कृति महोत्सव आयोजन करने की वजह से यमुना तट को जो नुकसान हुआ है उसे दोबारा तैयार करने में 42.02 करोड़ रुपए लग जाएंगे।
कार्यक्रम से यमुना तट को हुए नुकसान के लिए एनजीटी ने श्रीश्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑफ लिविंग पर 5 करोड़ रुपये का जुमार्ना भरने का आदेश दिया। एनजीटी के आदेशों की अवहेलना कर आर्ट ऑफ लिविंग ने जुमार्ना नहीं भरा।
पिछले साल से शुरु हुए इस विवाद में विशेषज्ञों ने एनजीटी को बताया कि इस समारोह के आयोजन से यमुना तट को 13.29 करोड़ का नुकसान हुआ।
बता दें कि यह समारोह पिछले साल 11 से 13 मार्च के बीच आयोजित किया गया था। अब एनजीटी ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। रविशंकर को 5 करोड़ का जुमार्ना देना होगा यह एनजीटी के फैसले के बाद साफ हो पाएगा।