{"_id":"61e59a1f2869a026247e3d76","slug":"healthy-balance-needed-between-technology-use-and-human-intervention-to-enhance-justice-delivery-system-experience-says-sc-judge","type":"story","status":"publish","title_hn":"Justice Clock: गुजरात में लगी पहली न्याय घड़ी, जस्टिस चंद्रचूड़ बोले- तकनीक बदलाव की सूत्रधार ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Justice Clock: गुजरात में लगी पहली न्याय घड़ी, जस्टिस चंद्रचूड़ बोले- तकनीक बदलाव की सूत्रधार
Mon, 17 Jan 2022 10:02 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 17 Jan 2022 10:02 PM IST
सार
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि प्रौद्योगिकी के उपयोग और मानव हस्तक्षेप के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाए रखा जाना चाहिए।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने सोमवार को न्याय वितरण प्रणाली के अनुभव को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग और मानवीय हस्तक्षेप के बीच एक स्वस्थ संतुलन का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जहां प्रौद्योगिकी परिवर्तन का सूत्रधार है, वहीं मानव मन ही इसका चालक बना रहेगा। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ गुजरात हाई कोर्ट में राज्य की सभी अदालतों के लिए एक ई-कोर्ट फीस प्रणाली के साथ स्थापित एक न्याय घड़ी (जस्टिस क्लॉक) का वर्चुअल उद्घाटन करने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बोल रहे थे।
विज्ञापन
गुजरात हाई कोर्ट 'न्याय घड़ी' वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जहां अदालत परिसर के भीतर एक बाहरी डिस्प्ले एलईडी दीवार होगी जो मामलों के निपटान और लंबित मामलों आदि को प्रदर्शित करता है। इस दौरान जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि प्रौद्योगिकी के उपयोग और मानव हस्तक्षेप के बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाए रखा जाना चाहिए। हमें समझना चाहिए कि प्रौद्योगिकी बदलाव का सूत्रधार है, लेकिन बदलाव का चालक मानव मन रहा है और होना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हम न्याय के मानवीय चेहरे को कभी नहीं भूल सकते हैं, जो सभी तकनीकों के पीछे है। गुजरात हाई कोर्ट की नई पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट, केंद्र और राज्य सरकारों और अन्य सेवा प्रदाताओं के बीच निरंतर विचार-विमर्श, समन्वय और सहयोग के माध्यम से न्यायपालिका की तकनीकी सक्षमता को संभव बनाया गया है।
विज्ञापन