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स्वास्थ्य: वजन कम करने का शरीर ही करता है विरोध, बढ़ा देता है भूख
Sat, 15 Nov 2025 05:35 AM IST
लव गौर
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: लव गौर
Updated Sat, 15 Nov 2025 05:35 AM IST
सार
नेशनल ज्योग्राफिक सहित कई वैश्विक शोध बताते हैं कि वजन कम करने का शरीर ही विरोध करता है। इतना ही नहीं भूख बढ़ा देता है। जैसे ही वजन घटता है, शरीर इसे संकट काल मानता है और मेटाबॉलिज्म धीमा कर देता है।
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- फोटो : Adobe stock
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विस्तार
वजन घटाने को अक्सर इच्छाशक्ति, डाइट कंट्रोल और जिमिंग से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन नेशनल ज्योग्राफिक सहित कई वैश्विक शोध बताते हैं कि वजन कम करने की सबसे बड़ी बाधा इंसान की आदत नहीं बल्कि शरीर का जैविक प्रतिरोध है। वैज्ञानिकों के अनुसार जब वजन घटने लगता है तो शरीर इसे संकट की स्थिति मानकर मेटाबॉलिज्म धीमा कर देता है, भूख बढ़ा देता है और वसा को सुरक्षित रखने लगता है।
इसके बावजूद दुनिया के कई उदाहरण और नवीनतम अनुसंधान बताते हैं कि संतुलित भोजन, नियमित योग-व्यायाम, तनाव-नियंत्रण और निरंतर अनुशासन से इस जैविक प्रतिरोध को हराकर वजन घटाना और उसे स्थिर रखना पूरी तरह संभव है। वैज्ञानिकों के अनुसार मानव शरीर एक निश्चित वजन सीमा जिसे सेट-पॉइंट कहा जाता है, बनाए रखने की कोशिश करता है। शरीर भोजन को कितनी तेजी से ऊर्जा में बदलता और उपयोग करता है, उसे मेटाबॉलिज्म कहते हैं। जिसका मेटाबॉलिज्म तेज होगा, उसका शरीर कैलोरी अधिक खर्च करेगा और मोटापा कम होने की संभावना अधिक होगी और जिसका मेटाबॉलिज्म धीमा होगा, उसमें कैलोरी का उपयोग धीमे होगा और वजन बढ़ने का खतरा ज्यादा रहेगा। इसलिए वजन नियंत्रण के लिए मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
तोंद घटाने का विज्ञान आधारित सटीक उपाय
पेट की चर्बी मुख्य रूप से विसरल फैट होती है जो हार्मोनल असंतुलन खासकर कॉर्टिसोल और इंसुलिन से जुड़ी होती है। विज्ञान के अनुसार इसका सबसे प्रभावी समाधान है परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट और चीनी कम करना, प्रोटीन फाइबर ओमेगा-3 आधारित आहार अपनाना, 45 से 60 मिनट की एरोबिक एक्सरसाइज,कोर स्ट्रेंथ और हाई इंटेंसिटी ट्रेनिंग तथा तनाव-नियंत्रण, पर्याप्त नींद और नियमित प्राणायाम करना।
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वजन घटाने के विज्ञान आधारित नियम
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इसके बावजूद दुनिया के कई उदाहरण और नवीनतम अनुसंधान बताते हैं कि संतुलित भोजन, नियमित योग-व्यायाम, तनाव-नियंत्रण और निरंतर अनुशासन से इस जैविक प्रतिरोध को हराकर वजन घटाना और उसे स्थिर रखना पूरी तरह संभव है। वैज्ञानिकों के अनुसार मानव शरीर एक निश्चित वजन सीमा जिसे सेट-पॉइंट कहा जाता है, बनाए रखने की कोशिश करता है। शरीर भोजन को कितनी तेजी से ऊर्जा में बदलता और उपयोग करता है, उसे मेटाबॉलिज्म कहते हैं। जिसका मेटाबॉलिज्म तेज होगा, उसका शरीर कैलोरी अधिक खर्च करेगा और मोटापा कम होने की संभावना अधिक होगी और जिसका मेटाबॉलिज्म धीमा होगा, उसमें कैलोरी का उपयोग धीमे होगा और वजन बढ़ने का खतरा ज्यादा रहेगा। इसलिए वजन नियंत्रण के लिए मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
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तोंद घटाने का विज्ञान आधारित सटीक उपाय
पेट की चर्बी मुख्य रूप से विसरल फैट होती है जो हार्मोनल असंतुलन खासकर कॉर्टिसोल और इंसुलिन से जुड़ी होती है। विज्ञान के अनुसार इसका सबसे प्रभावी समाधान है परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट और चीनी कम करना, प्रोटीन फाइबर ओमेगा-3 आधारित आहार अपनाना, 45 से 60 मिनट की एरोबिक एक्सरसाइज,कोर स्ट्रेंथ और हाई इंटेंसिटी ट्रेनिंग तथा तनाव-नियंत्रण, पर्याप्त नींद और नियमित प्राणायाम करना।
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वजन घटाने के विज्ञान आधारित नियम
- कैलोरी घाटा बढ़ाएं : जितनी ऊर्जा (कैलोरी) आप लेते हैं उससे अधिक खर्च होना चाहिए यह वजन घटाने का मूल विज्ञान है।
- शक्कर और परिष्कृत कार्ब कम करें : ब्रेड, मैदा, केक, जूस, मिठाइयां और पैकेज्ड स्नैक्स वजन बढ़ाने के सबसे तेज कारक हैं।
- प्रोटीन और फाइबर बढ़ाएं : प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखता है, फाइबर पेट भरा रखता है और दोनों मिलकर भूख को नियंत्रित करते हैं।
- खाने का समय तय रखें : अनियमित भोजन वसा जमा होने को बढ़ावा देता है। हर दिन लगभग एक ही समय पर खाना पाचन और हार्मोन संतुलन में मदद करता है।
- रोज 45 से 60 मिनट व्यायाम अनिवार्य : तेज चलना, दौड़ना साइक्लिंग जैसे एरोबिक एक्सरसाइज़ के साथ सप्ताह में 3–4 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग बेहद प्रभावी है।