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चिंताजनक: हेल्थ ऑफ नेशन की रिपोर्ट का दावा, कैंसर समेत गैर संचारी रोग बढ़े, युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा प्रभावित

Sat, 06 Apr 2024 07:33 AM IST
यशोधन शर्मा अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: यशोधन शर्मा Updated Sat, 06 Apr 2024 07:33 AM IST
सार

महिलाओं में सबसे आम कैंसर स्तन, गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाश्य है। वहीं पुरुषों में फेफड़े, मुंह और प्रोस्टेट कैंसर सबसे आम है। भारत में स्तन कैंसर के निदान की औसत आयु 52 वर्ष है जबकि अमेरिका और यूरोप में यह 63 वर्ष है।

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Health of Nation report claims Non-communicable diseases including cancer increased
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

भारत में कैंसर, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और मानसिक स्वास्थ्य सहित तेजी से गैर संचारी बीमारियों (एनसीडी) का बोझ बढ़ रहा है। स्थिति यह है कि चार में से एक व्यक्ति को मधुमेह होने का जोखिम बना हुआ है। इनके अलावा, तीन में से दो रक्तचाप और 10 में से एक व्यक्ति को भविष्य में अवसाद होने का जोखिम है।
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विश्व स्वास्थ्य दिवस से एक दिन पहले यह खुलासा एक निजी स्वास्थ्य सेवाप्रदाता ने देशभर के अपने अस्पतालों में आने वाले मरीजों के आधार पर तैयार हेल्थ ऑफ नेशन रिपोर्ट में किया है।  
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रिपोर्ट में कम उम्र में प्री-डायबिटीज, प्री-हाइपरटेंशन और मानसिक स्वास्थ्य विकारों का पूर्वानुमान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में न केवल कैंसर के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, बल्कि यह भी पाया कि औसत रूप से अधिक युवा पीढ़ी इसकी चपेट में है। महिलाओं में सबसे आम कैंसर स्तन, गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाश्य है। वहीं पुरुषों में फेफड़े, मुंह और प्रोस्टेट कैंसर सबसे आम है। भारत में स्तन कैंसर के निदान की औसत आयु 52 वर्ष है जबकि अमेरिका और यूरोप में यह 63 वर्ष है। इसी तरह फेफड़ों के कैंसर के लिए निदान की औसत आयु 59 वर्ष है जबकि पश्चिम देशों में यह औसतन 70 वर्ष है। इससे पता चलता है कि भारत में कम उम्र में कैंसर का पता चल रहा है।
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मोटापे की व्यापकता आठ साल में 9 से 20 फीसदी तक पहुंची
रिपोर्ट में बताया गया कि देश में मोटापे की व्यापकता तेजी से बढ़ रही है, जो सभी क्रोनिक एनसीडी के लिए सबसे आम जोखिम कारक है। अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचने वाले चार में से तीन मरीज मोटापा ग्रस्त पाए गए। भारत में मोटापे की व्यापकता 2016 में 9% से बढ़कर 2023 में 20% दर्ज की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया कि 90% महिलाओं और 80% पुरुषों में कमर से कूल्हे का अनुपात अनुशंसित से अधिक मिला है। 

उच्च रक्तचाप के मामलों में वृद्धि
उच्च रक्तचाप के मामले 2016 में 9% से बढ़कर 2023 में 13% तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा 10 में से एक रोगी को अनियंत्रित मधुमेह है। नींद न आने की परेशानी को लेकर बात करें तो चार में से एक व्यक्ति में इसका जोखिम बना हुआ है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में ज्यादा नींद पर्याप्त न होने की समस्या है।


जांच का दायरा बढ़ाने की सलाह
रिपोर्ट में कहा है कि भारत में स्वास्थ्य जांच की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता बरकरार है। वहीं लोग पहले की तुलना में आज अधिक व्यापक स्वास्थ्य जांच का विकल्प चुन रहे हैं, जो लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण की सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
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