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Coronavirus: अब तक 38,442 लोगों की जांच, पिछले 24 घंटे में 92 नए मामले, चार लोगों की मौत

Mon, 30 Mar 2020 04:13 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 30 Mar 2020 04:13 PM IST
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Health Ministry ICMR Briefing On Coronavirus, UP Bihar Kerala Gujrat Maharashtra Madya pradesh
भारत में कोरोनावायरस पर बोलते लव अग्रवाल, संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य मंत्रालय - फोटो : ANI

कोरोना वायरस की भारत में स्थिति को लेकर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन करते हुए बताया कि देश में अब तक  कोविड-19 1,071 मामले सामने आए है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना वायरस के 92 नए मामले सामने आए है और चार लोगों की इस जानलेवा वायरस से मौत हुई है। 

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उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1071 है और अब तक इस वायरस से 29 लोगों की जान जा चुकी है। सचिव ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्रालय ने देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में चिकित्सा उपकरण और आपातकालीन सामानों की आपूर्ति के लिए विशेष कार्गो उड़ानें चलाने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है।

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बरेली में प्रवासी मजदूरों पर छिड़काव किए जाने के वायरल वीडियो पर जब स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बरेली के जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि कुछ कर्मचारियों ने अज्ञानता के कारण ऐसा किया लेकिन उन कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की गई है।

भारत में संक्रमण के बढ़ने की गति विकसित देशों की तुलना में कम
अग्रवाल ने संक्रमण को रोकने के लिये घोषित लॉकडाउन के असर के विश्लेषण के आधार पर बताया कि भारत में संक्रमण के बढ़ने की गति विकसित देशों की तुलना में कम है। उन्होंने कहा कि भारत में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने की गति और इससे जुड़े आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि देश में संक्रमण के मामले 100 से 1000 तक पहुंचने में 12 दिन लगे, जबकि विकसित देशों में इस अवधि में संक्रमित मरीजों की संख्या 3500 से 8000 तक पहुंच गई। इससे स्पष्ट है कि भारत में इसके संक्रमण की दर तुलनात्मक रूप से कम है।

उन्होंने कहा कि इस स्थिति को नियंत्रण में रखने में प्रमुख योगदान, लॉकडाउन के दौरान लोगों की एक दूसरे से सुरक्षित दूरी (सोशल डिस्टेंसिंग) बनाए रखना है। अग्रवाल ने हालांकि इस बात पर जोर दिया कि इसका शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किए जाने पर ही स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा। 

अग्रवाल ने कहा कि जिन देशों में कोरोना के संक्रमण का प्रकोप ज्यादा है उनमें एक संक्रमित व्यक्ति ने कम से कम सौ लोगों को संक्रमित किया इसलिए वहां इसके संक्रमण ने महामारी का रूप धारण किया। उन्होंने कहा कि भारत को इस स्थिति से बचाने के लिए लॉकडाउन का प्रत्येक व्यक्ति को पूरी तरह से पालन करना होगा।

अब तक कोरोना वायरस के 38,442 परीक्षण किए गए
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के डॉ गंगा केटकर ने कहा कि देश में अब तक कोरोना वायरस के 38,442 परीक्षण किए गए हैं, जिनमें से 3,501 कल किए गए थे, इसका मतलब है कि हम अभी भी अपनी परीक्षण क्षमता के 30 फीसदी से कम हैं। 

उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में आईसीएमआर की 115 प्रयोगशालाओं में 3501 और निजी क्षेत्र की 47 प्रयोगशालाओं में 428 परीक्षण किए गए। उन्होंने बताया कि निजी प्रयोगशालाओं को परीक्षण की अनुमति मिलने के बाद इनमें अब तक 13034 परीक्षण किए जा चुके हैं।

वायरस अभी स्थानीय प्रसारण चरण में
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोरोना वायरस देश में अभी भी स्थानीय प्रसारण चरण में है, अगर यह सामुदायिक प्रसारण चरण तक पहुंचता है, तो स्वास्थ्य मंत्रालय इसे स्वीकार करेगा लेकिन देश अभी तक उस चरण में नहीं पहुंचा है। मंत्रालय ने कहा कि हम सभी को सामाजिक दूरी बनाए रखनी चाहिए। यहां तक कि एक व्यक्ति की लापरवाही से कोरोना वायरस महामारी फैल सकती है।

गृह सचिव ने श्रमिकों को भोजन और आश्रय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
संवाददता सम्मेलन में गृह मंत्रालय की संयुक्त सचित पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि मंत्रालय देशव्यापी लॉकडाउन कि नियमित निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के सभी इलाकों में लोगों की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सामान्य रूप से हो रही है।

श्रीवास्तव ने कहा कि शहरों से अपने गांव की ओर वापस लौटे प्रवासी मजदूर, जो मार्ग में फंसे हैं, उन्हें भोजन और आश्रय की सुविधा देने के लिए सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जो मजदूर अपने काम की जगह पर मौजूद हैं, उनका वेतन या पारिश्रमिक समय पर देने और मकान मालिकों द्वारा किराया न वसूलने हेतु भी आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियां वेंटिलेटर का उत्पादन कर रही
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया है कि ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियां जैसे मारुति, टाटा, महिंद्रा एंड महिंद्रा आदि वेंटिलेटर के उत्पादन कर रही हैं। वे स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहे हैं और उसी को लेकर बैठकें की हैं।

वही, भारत सरकार ने कहा है कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड वेंटिलेटर का निर्माण करने जा रहा है, सभी दवा कंपनियों ने सरकार को आश्वासन दिया है कि इस संकट के दौरान दवाओं की कोई कमी नहीं होगी और यहां तक कि ऑटो निर्माता भी वेंटिलेटर विकसित करने और उत्पादन करने के लिए काम कर रहे हैं>


हर दिन छह से सात हजार सूट की हो रही आपूर्ति
सरकार ने कहा है कि अब तक 11 घरेलू निर्माताओं ने सूट बनाने के लिए परीक्षण को पास किया है। उन्हें 21 लाख पीपीई कवरॉल (शरीर को ढकने वाला सूट) का ऑर्डर दिया गया है। फिलहाल, वे दिन के छह से सात हजार सूट की आपूर्ति कर रहे हैं और यह अगले सप्ताह तक 15 हजार प्रति दिन होने की संभावना है। 

सरकार ने कहा कि चार अप्रैल तक अन्य तीन लाख दान किए गए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) कवरॉल आने वाले हैं। तीन लाख पीपीई के लिए एक आदेश अध्यादेश कारखानों के साथ रखा गया है।

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