स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 के लिए रेमेडिसविर दवा के आपातकाल स्थिति में इस्तेमाल की दी मंजूरी
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों और गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 की जांच चिकित्सा में एक नई दवा को शामिल करने का फैसला किया है। रविवार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोविड-19 के लिए एक अपडेटेड क्लिनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल जारी किया गया है, जिसमें रेमेडिसविर दवा को 'जांच उपचार' के रूप में शामिल किया गया है। हालांकि इसका इस्तेमाल आपातकाल की स्थिति में केवल टोसिलीजुमाब (Tocilizumab) & कॉनवलेसिरे (Convalesire) प्लाज्मा के साथ ही लिया जा सकता है।
An updated Clinical Management Protocol for COVID19 has been released by Ministry of Health in which drug Remdesivir has been included as “investigational therapy” only for restricted emergency use purposes along with off label use of Tocilizumab&Convalescent Plasma:Govt of India pic.twitter.com/s0wEW4Qz34
— ANI (@ANI) June 14, 2020विज्ञापन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोरोनो वायरस लक्षणों की सूची में गंध (एनोस्मिया) और स्वाद का पता नहीं चलना (एजुसिया) जैसे दो प्रमुख लक्षण भी जोड़े गए हैं। इससे पहले, बीमारी की शुरुआत के दौरान, कई मामलों में पाया गया था कि रोगियों को गंध और स्वाद का पता नहीं चल रहा है।
प्रोटोकॉल के नए सेट में, मंत्रालय ने गंभीर मामलों में एजिथ्रोमाइसिन के संयोजन में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का उपयोग करने और आईसीयू प्रबंधन की आवश्यकता की पहले की सिफारिश को हटा दिया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 के संक्रमण के लिए कल जारी किए गए अपने संशोधित क्लिनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल में कहा कि मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (एचसीक्यू) केवल बीमारी के प्रारंभिक चरण में इस्तेमाल किया जाना चाहिए और महत्वपूर्ण मामलों में इससे बचा जाना चाहिए।