Health : डायबिटीज नियंत्रण के लिए 10 वर्षीय आयोग चाहिए, पद्म पुरस्कार प्राप्त डॉक्टरों ने केंद्र को दिए सुझाव
नेत्र रोग विशेषज्ञ और सेंटर फॉर साइट के चेयरमैन डॉ. महिपाल एस सचदेव ने कहा, भारत ने आंखों की देखभाल में सार्थक तरक्की की है। नेत्र रोगों का काफी प्रभावी इलाज हो रहा है।
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देशभर में पद्म पुरस्कारों से सम्मानित डॉक्टरों ने एक मंच पर आकर भारत को स्वास्थ्य सेवाओं में लीडर बनाने के रास्ते सुझाए हैं। कहा है कि डायबिटीज नियंत्रण के लिए देश में 10 वर्षीय आयोग की जरूरत है। डायबिटीज, हृदय और नेत्र रोग आदि से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बड़ी तादाद में आबादी पर असर डाल रहे गैर संक्रामक रोगों पर ध्यान देने और आजादी के 75 साल में हासिल हुई स्वास्थ्य उपलब्धियों को आगे ले जाने पर जोर दिया है।
हील संगठन के ऑनलाइन शो में फोर्टिस सेंटर फॉर डायबिटीज, ओबेसिटी एंड कोलेस्ट्रॉल (सी-डीओसी) के डॉ. अनूप मिश्रा ने बढ़ती डायबिटीज से निपटने के लिए कटिबद्ध मिशन के तहत एक 10 वर्षीय आयोग की जरूरत बताई।
नेत्र रोगों का हो रहा प्रभावी इलाज
नेत्र रोग विशेषज्ञ और सेंटर फॉर साइट के चेयरमैन डॉ. महिपाल एस सचदेव ने कहा, भारत ने आंखों की देखभाल में सार्थक तरक्की की है। नेत्र रोगों का काफी प्रभावी इलाज हो रहा है। मैक्स अस्पताल में कार्डियोलॉजी के चेयरमैन डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, आज भारत हृदय रोगों को लेकर हो रहे शोधों में अग्रणी है।
लेकिन इनके इलाज में इस्तेमाल होने वाले स्वदेशी चीजों में अभी हम पीछे हैं। वहीं, प्रो मोहसिन वाली ने कहा, आईसीएमआर के एक अध्ययन के मुताबिक, 45% लोग शारीरिक तौर पर निष्क्रिय रहते हैं। बड़ी तादाद में लोग जिम जा रहे हैं पर हृदय की सेहत पर ध्यान नहीं देते।