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हाईकोर्ट ने पतंजलि योगपीठ की जमीन पर लगाया स्टे

Wed, 30 Aug 2017 09:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Wed, 30 Aug 2017 09:27 PM IST
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HC stay on Patanjali Yogpeeth land
हाईकोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर स्थित पतंजलि योगपीठ (पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड) को आवंटित भूमि में किसी भी प्रकार का बदलाव करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि भूमि की प्रकृति किसी भी प्रकार से न बदली जाए।
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भूमि अधिग्रहण के तरीके पर सवाल उठाते हुए अदालत ने पूछा है कि पुराने कानून के तहत कमिश्नर मेरठ ने जमीन का अधिग्रहण कैसे किया। प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास को सोमवार तक हलफनामा दाखिल कर इस बाबत जानकारी देने का निर्देश दिया है।
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गौतमबुद्ध नगर के औसाफ और 13 अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अशोक कुमार की पीठ ने यह भी पूछा है कि जमीन पर हरे पेड़ों की कटाई के समय कौन-कौन से अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे।
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डीएम गौतमबुद्ध नगर को निर्देश दिया है कि मौके पर निरीक्षण कर पता लगाएं कि कितने पेड़ काटे गए हैं और मौके पर कितने पेड़ बचे हैं। याचिका में आरोप है कि पेड़ों को जेसीबी मशीन लगाकर उखाड़ दिया गया।

जेवर के तहसीलदार अभय कुमार ने बताया कि आवंटित भूमि का न तो कब्जा लिया है और न ही इसका मुआवजा दिया गया है। पेड़ों की कटाई के लिए अथॉरिटी के तहसीलदार चमन सिंह पर आरोप है। कहा गया कि जेसीबी लगाकर पेड़ों को उखाड़ने में तहसीलदार भी शामिल थे। याची का कहना है कि उसको 200 बीघा जमीन 30 साल के पट्टे पर दी गई है।


इस जमीन को मिलाकर कुल 4500 एकड़ भूमि पतंजलि योग पीठ की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को आवंटित की गई जिसमें पुलिस की सहायता से हरे पेड़ों की धुआंधार कटाई की जा रही है। याचिका पर चार सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
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