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Maharashtra: कोकाटे की सजा पर रोक के खिलाफ दखल देने से हाईकोर्ट का इनकार; सड़क टनल प्रोजेक्ट पर दायर PIL खारिज

Tue, 18 Mar 2025 06:04 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 18 Mar 2025 06:04 PM IST
सार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र में मंत्री माणिकराव कोकाटे की सजा पर रोक लगाने के नासिक सत्र न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया है। वहीं कोर्ट ने मुंबई-ठाणे रोड टनल प्रोजेक्ट के ठेके में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है।

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HC refuses to interfere in lower court order staying Kokate conviction, junks PIL against road tunnel project
बॉम्बे हाई कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे की सजा पर रोक लगाने के नासिक सत्र न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। यह मामला 1995 के धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ा है। पूर्व मंत्री दिवंगत तुकाराम दिघोले की बेटी अंजलि राठौड़ ने नासिक सत्र न्यायालय के 5 मार्च के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इस फैसले के तहत मंत्री माणिकराव कोकाटे और उनके भाई सुनील कोकाटे की सजा पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी।
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मामले में 21 अप्रैल को अगली सुनवाई
मंगलवार को इस याचिका पर न्यायमूर्ति आर. एन. लड्ढा की एकल पीठ में सुनवाई हुई। कोकाटे के वकील अनिकेत निकम ने दलील दी कि याचिकाकर्ता अंजलि राठौड़ स्वयं इस मामले की मूल शिकायतकर्ता नहीं हैं, इसलिए उनकी याचिका स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने इस स्तर पर सत्र न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और अगली सुनवाई 21 अप्रैल को करने का निर्णय लिया। कोर्ट ने राज्य सरकार और कोकाटे बंधुओं को नोटिस जारी किया है।
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क्या है पूरा मामला?
20 फरवरी को नासिक जिले की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने एनसीपी नेता माणिकराव कोकाटे और उनके भाई सुनील कोकाटे को दोषी ठहराया और दो साल की सजा सुनाई। यह मामला सरकारी कोटे के तहत फ्लैट लेने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने से जुड़ा था। दोनों भाइयों ने सत्र न्यायालय में अपील दायर कर सजा को चुनौती दी। मामले में 5 मार्च को सत्र न्यायालय ने उनकी सजा को निलंबित कर दिया और कहा कि यदि उनकी सजा को रोका नहीं गया तो मंत्री कोकाटे को अयोग्यता का सामना करना पड़ सकता है, जिससे दोबारा चुनाव कराना पड़ेगा और सार्वजनिक धन का भारी नुकसान होगा। मंत्री माणिकराव कोकाटे अजित पवार गुट के एनसीपी नेता हैं और नासिक जिले की सिन्नर विधानसभा सीट से विधायक हैं।

सड़क टनल प्रोजेक्ट पर दायर PIL हाईकोर्ट ने खारिज की
वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई-ठाणे रोड टनल प्रोजेक्ट के ठेके में कथित अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया। बता दें कि, ये याचिका पत्रकार वी. रवि प्रकाश ने दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मेघा इंजीनियरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) ने इस परियोजना के लिए फर्जी बैंक गारंटी जमा की थी, जिसे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने स्वीकार कर लिया। इस याचिका में एमईआईएल को दिया गया 16,600 करोड़ रुपये का ठेका रद्द करने और सीबीआई जांच कराने की मांग की गई थी।

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हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?
मामले में मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति भारती डांगे की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका दायर करने वाले को साफ नीयत, साफ दिल और सही उद्देश्य के साथ आना चाहिए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता खुद इस कंपनी के खिलाफ कानूनी मामले में शामिल थे, लेकिन उन्होंने इस तथ्य को छिपाया। इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने सोशल मीडिया पर अदालत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, जो न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने वाली थी। मामले में अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया और गलत मंशा से यह याचिका दायर की थी।  

क्या है टनल प्रोजेक्ट?
यह बोरीवली (मुंबई) से ठाणे तक बनने वाली ट्विन-ट्यूब रोड टनल परियोजना है। इस परियोजना का मूल्य 16,600.40 करोड़ रुपये है। इसे एमईआईएल कंपनी को सौंपा गया है, लेकिन याचिका में आरोप लगाया गया था कि इस ठेके में गड़बड़ी हुई है।

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