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Bombay High Court: 'बेवजह उत्पीड़न से द्विपक्षीय संबंधों पर दिख सकता है असर', अदालत से चीनी महिला को बड़ी राहत
Thu, 11 Jul 2024 11:32 PM IST
मिथिलेश नौटियाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: मिथिलेश नौटियाल
Updated Thu, 11 Jul 2024 11:32 PM IST
सार
वर्ष 2019 में चीन की 38 वर्षीय कोन्ग लिंग को मुंबई हवाई अड्डे से तीन करोड़ के सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। अब बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा है कि महिला के बेवजह उत्पीड़न का असर द्विपक्षीय संबंधों पर दिख सकता है।
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बॉम्बे हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
बॉम्बे हाई कोर्ट ने चीन की एक महिला को राहत दी है। इसके साथ ही अदालत का कहा है कि महिला के बेवजह उत्पीड़न का असर द्विपक्षीय संबंधों पर दिख सकता है। दरअसल चीन की एक महिला को सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार करने के बाद बरी कर दिया गया था। इसके बाद भी कानूनी उलझनों की वजह से वह भारत नहीं छोड़ सकती थी।
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‘महिला को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए’
न्यायमूर्ति पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, ‘भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 विदेशी नागरिकों की सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को सुनिश्चित करता है।’ इसके साथ ही न्यायमूर्ति ने केंद्र सरकार से कहा कि जिस पीड़ा से महिला गुजरी है, उसके एवज में महिला को 10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
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सोने की तस्करी के आरोप में किया गया था गिरफ्तार
वर्ष 2019 में चीन की 38 वर्षीय कोन्ग लिंग को मुंबई हवाई अड्डे से तीन करोड़ के सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2023 में इस मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा महिला को बरी कर दिया गया था। इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के आदेश का समर्थन करते हुए आव्रजन निदेशालय को आदेश दिया है कि चीनी महिला को अपने देश लौटने के लिए अनुमति दी जाए।
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बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका
इसके बाद भी आव्रजन अधिकारियों ने कहा था कि कोर्ट के आदेश के खिलाफ एक याचिका दायर की जाएगी। इसके बाद महिला ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला को राहत देते हुए भारत छोड़ने के आदेश दिए हैं।