जयललिता की सेहत बताने वाली याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- 'कोई जरूरत नहीं'
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तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयलिता पिछले 22 सितंबर से अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हे बुखार और डिहाइड्रेशन की समस्या के चलते चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया था। लेकिन इस बीच उनकी सेहत के बारे में बहुत कम ही जानकारी सामने आ सकी है। जयललिता की सेहत की विस्तृत जानकारी के लिए कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई।
कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि जयललिता की सेहत की जानकारी के लिए दायर की गई याचिका महज 'पब्लिसिटी स्टंट' है। याचिका में यह भी पूछा गया था कि जयललिता के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान राज्य का कार्यवाहक मुख्यमंत्री कौन है, किसे यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता को लताड़ लगाते हुए कहा कि इस तरह की जानकारी देना कोई जरूरी नहीं है।
एम्स और ब्रिटेन के डॉक्टर भी कर रहे जयललिता का इलाज
बता दें कि जयललिता के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए तमिलनाडु की जनता उत्सुक है। सूत्रों की मानें तो अब भी चेन्नई के अपोलो अस्पताल के बाहर जयललिता के सैकड़ों समर्थक डटे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी सीएम को छुट्टी नहीं मिलती वे वहीं डटे रहेंगे।
लोगों की इसी उत्सुकता को आधार बनाकर समाजसेवी रामास्वामी ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। जयललिता की सेहत की सही जानकारी फिलहाल नहीं हो पाई है। सूत्रों की मानें तो एम्स के तीन डॉक्टर भी जयललिता के इलाज के लिए चेन्नई भेजे गए हैं।
वहीं, एक ब्रिटिश डॉक्टर से भी उनके इलाज के लिए सुझाव मांगे गए थे, ब्रिटिश डॉक्टर ने जयललिता के इलाज को सही करार दिया था।