फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   HC:Careless person of their rights Not entitled to sympathy

हाईकोर्ट: अपने अधिकारों को लेकर लापरवाह इंसान को हमदर्दी पाने का हक नहीं

Thu, 22 Dec 2016 03:16 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Thu, 22 Dec 2016 03:16 AM IST
विज्ञापन
 HC:Careless person of their rights Not entitled to sympathy
- फोटो : demo pic

हाईकोर्ट ने कहा है कि अपने अधिकारों के प्रति लापरवाह व्यक्ति को अदालत की सहानुभूति पाने का हक नहीं है। यदि कोई व्यक्ति अपनी भूमि के अधिग्रहण के खिलाफ अपील दाखिल नहीं करता है और लंबे समय बाद पड़ोस के गांव से दाखिल अपील पर मिले लाभ को देखकर अदालत आता है तो उसके प्रति सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती है।

विज्ञापन


क्योंकि उस व्यक्ति ने समय रहते अपना अधिकार प्राप्त करने की चेष्टा नहीं की। ऐसे मामलों में समान न्याय के आधार पर 29 साल बाद दाखिल अपील को विलंब की माफी नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने याची पर पांच हजार रुपये हर्जाना भी लगाया है।
विज्ञापन


गौतमबुद्ध नगर के दादरी गेझा तिलपताबाद गांव निवासी फुंदल और दो अन्य की अपील पर न्यायमूर्ति एसपी केसरवानी ने यह आदेश दिया। याची का कहना था कि एक सिंतबर 1977 को उनकी जमीन अधिग्रहीत की गई। इस भूमि पर नोएडा का मुख्य नाला बनाया गया। अपर जिला जज गाजियाबाद ने 31 मार्च 1986 को 12 हजार रुपये प्रति बीघा के हिसाब से मुआवजे का अवार्ड किया। फुंदन की 1992 में मौत हो गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उसकी बेटी ने 29 साल बाद अवार्ड के खिलाफ अपील दाखिल की क्योंकि पड़ोस के गांव के एक किसान ने अवार्ड के खिलाफ अपील की तो हाईकोर्ट ने उसे बढ़ा मुआवजा देने का आदेश दिया। इस आदेश की जानकारी होने पर याचीगण ने 28 वर्ष और 355 दिन के विलंब से अपील दाखिल कर बढ़ा मुआवजा देने की मांग की थी। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याची अपने अधिकार के प्रति लापरवाह हैं और दूसरे को मिले लाभ को देखने के बाद उनको अपने अधिकार की याद आई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed