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यूपी से राहुल-प्रियंका गांधी को सही सलामत वापस लाने में 'सीआरपीएफ' को करनी पड़ी मशक्कत

जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 02 Oct 2020 12:32 AM IST
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राहुल-प्रियंका गांधी के साथ सीआरपीएफ कर्मी
राहुल-प्रियंका गांधी के साथ सीआरपीएफ कर्मी - फोटो : Amar Ujala

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हाथरस कांड के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी की सुरक्षा करने में लगे 'सीआरपीएफ' कर्मियों को खासी मशक्कत का सामना करना पड़ा। एक्सप्रेस वे पर जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और यूपी पुलिस के बीच धक्कामुक्की हुई तो राहुल और प्रियंका गांधी का सुरक्षा घेरा कमजोर पड़ गया था।सूत्रों के अनुसार, सीआरपीएफ कर्मियों को यूपी पुलिस की ओर से वह सहयोग नहीं मिल सका, जो वीवीआईपी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति को दिए जाने का प्रोटोकॉल है।
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कार्यकर्ता, मीडिया और यूपी पुलिस, राहुल गांधी का सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे आ चुके थे। जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के पास एसपीजी सुरक्षा घेरा था, तब किसी भी राज्य में लोकल पुलिस और कार्यकर्ता एक तय दूरी बनाए रखते थे। गुरुवार को वह दूरी बिल्कुल खत्म हो चुकी थी।


केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि एक्सप्रेस वे तक पहुंचने के दौरान राहुल गांधी के काफिले के साथ कई प्राइवेट वाहन सट कर चल रहे थे। गाड़ी से नीचे उतरने के बाद राहुल गांधी का सुरक्षा घेरा कई बार कमजोर पड़ा।

नियम है कि वीवीआईपी सुरक्षा में तैनात एजेंसी को किसी भी राज्य में जाने से पहले वहां सूचना देनी पड़ती है। लोकल पुलिस भी सुरक्षा इंतजाम में मदद करती है। यूपी सरकार के मंत्रियों का कहना था कि राहुल गांधी ने यहां आने की इजाजत नहीं ली थी।

यही वजह रही कि राहुल और प्रियंका की सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ कर्मियों को धक्कामुक्की झेलनी पड़ी। सोशल मीडिया में वायरल हो रही वह तस्वीर, जिसमें राहुल गांधी और यूपी पुलिस के बीच कथित धक्कामुक्की हुई है, उससे सुरक्षा घेरे पर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस इतनी निकट जाकर धक्कामुक्की कैसे कर सकती है।

ये भी बताया जा रहा है कि राहुल और प्रियंका को जिस गाड़ी में बैठाकर थाने ले जाया गया, वहां उसे एक्सप्रेस वे पर गलत दिशा में चलाया गया।

राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि अभी-अभी पुलिस ने मुझे धक्का दिया है। लाठी मारी और मुझे जमीन पर फेंक दिया। उन्होंने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या इस देश में सिर्फ मोदी जी को पैदल चलने का अधिकार है, हमारे जैसे आम लोग पैदल नहीं चल सकते। हमारी गाड़ियां रोकी गई इसलिए हम पैदल चल रहे हैं।
 

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