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पड़ताल : 370 हटने के बाद क्या जम्मू कश्मीर पूरी तरह से बदल गया? पढ़िए गृहमंत्री अमित शाह का दावा कितना सही है

Sun, 24 Oct 2021 03:57 PM IST
Himanshu Mishra हिमांशु मिश्रा
Updated Sun, 24 Oct 2021 03:57 PM IST
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सार
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए 55,000 करोड़ रुपये का पैकेज दिया था। आज 55,000 करोड़ रुपये के पैकेज में से 33,000 करोड़ रुपये खर्च हो चुका है, विकास की 21 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं।
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Has Jammu and Kashmir completely changed after the abrogation of article 370? Read how true Home Minister Amit Shah's claim is
अमित शाह जम्मू कश्मीर के दौरे पर हैं। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गृहमंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। अनुच्छेद 370 हटने के बाद गृहमंत्री पहली बार जम्मू कश्मीर पहुंचे हैं। 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने विशेष राज्य का दर्जा वापस लेते हुए जम्मू कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित राज्य में बांट दिया था। रविवार को कश्मीर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृहमंत्री शाह ने अनुच्छेद 370 के हटाने का फायदा गिनाया। दावा किया कि इसके बाद से जम्मू कश्मीर और लद्दाख पूरी तरह से बदल गया है। यहां तेजी से विकास कार्य हुए। युवाओं, किसानों, छोटे व्यापारियों, महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की गईं। गरीबों को घर मिला, लोगों के घरों में बिजली, पानी पहुंचाई गई। शौचालय बने। पढ़िए गृहमंत्री का ये दावा कितना सही है? 

 

क्या था अनुच्छेद 370?

  • 5 अगस्त 2019 से पहले जम्मू कश्मीर और लद्दाख एक राज्य हुआ करते थे। इसे विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ था। 
  • राज्य का अपना अलग झंडा था और केंद्र सरकार की कई योजनाएं यहां सीधे तौर पर लागू नहीं होती थी। 
  • यहां रहने वाले लोग देश के अन्य किसी राज्य में जमीन खरीद सकते थे, लेकिन देश के अन्य हिस्से के लोगों को जम्मू कश्मीर में जमीन खरीदने का अधिकार नहीं था।
  • अगर कोई कश्मीरी लड़की कश्मीर के बाहर किसी राज्य में शादी करती थी तो उसकी कश्मीरी नागरिकता पूरी तरह से खत्म हो जाती थी।
  • यहां अल्पसंख्यकों को कोई आरक्षण नहीं मिलता था। 
  • अनुच्छेद 356 और 360 यहां लागू नहीं होता था। 
  • सूचना का अधिकार अधिनियम कानून 2005 यहां लागू नहीं था। 
  • विधानसभा का कार्यकाल पांच की बजाय छह साल के लिए होता था। 

370 हटने के बाद क्या हुआ?

लेह-लद्दाख
लेह-लद्दाख - फोटो : अमर उजाला
  • केंद्र सरकार ने विशेष राज्य का दर्जा हटाते हुए जम्मू कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित राज्य में बांट दिया। 
  • जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया। 
  • जम्मू कश्मीर का अलग झंडा अब खत्म हो गया है। तिरंगा ही मान्य होगा। 
  • अल्पसंख्यकों और कानून के अनुसार मिलने वाले सभी आरक्षण लागू हो गए। 
  • अनुच्छेद 356 और 360 लागू किया गया। 
  • सभी केंद्र सरकार की योजनाओं को यहां लागू किया गया। 
  • सूचना का अधिकार अधिनियम कानून 2005 लागू हुआ। 

अब तक विकास के लिए क्या किया?

1. 2019 में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 624 मेगावाट पन बिजली उत्पादन की क्षमता वाली कीरू पन बिजली परियोजना का निर्माण कार्य शुरू कराया था। इसके लिए सरकार ने 4287 करोड़ रुपए खर्च किए थे। अब इसका निर्माण कार्य काफी हद तक पूरा हो चुका है। 
2. कवार पन बिजली परियोजना का निर्माण 4642 करोड़ रुपए से होना है। 
3. शाहपुर कंडी परियोजना के लिए सरकार ने 2793 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस परियोजना पर काम शुरू हो गया है। 
4. श्रीनगर में 25 किलोमीटर और जम्मू में 23 किलोमीटर की एलिवेटेड मेट्रोलाइट रेल परियोजना प्रस्तावित है। श्रीनगर के लिए 5733 करोड़ रुपए और जम्मू के लिए 4113 करोड़ रुपए सरकार खर्च करेगी।
5. बठिंडा, जम्मू और श्रीनगर में गैस पाइपलाइन परियोजना पर काम चल रहा है। यहां लोगों के घरों तक अंडर ग्राउंड पाइप से एलपीजी गैस की सुविधा दी जाएगी। 
6. डल लेक के सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। 
7. दो एम्स संस्थानों का निर्माण हो रहा है।
8. दो कैंसर इंस्टीट्यूट बन रहे हैं।
9. सात पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेज बन रहे हैं। 
10. कश्मीरी पंडितों के लिए वन रुम सेट वाले 1800 फ्लैट बन रहे हैं।
11. 2600 करोड़ से ज्यादा के निवेश के लिए 456 समझौते हुए हैं। 
12. सौभाग्य योजना के तहत 3,30000 घरों को बिजली उपलब्ध कराई गई है। जम्मू-कश्मीर को 100 करोड़ का विशेष पुरस्कार दिया गया है। 
13. पीएमएवाई के तहत 18,534 घरों का निर्माण कराया गया। 
14. स्वच्छ भारत योजना के तहत 2.5 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया है।
15. उज्जवला योजना के तहत नौ लाख महिलाओं को गैस कनेक्शन दिए गए।  

रोजगार के लिए क्या किया? 

1.जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी दर 10.3-10.4% है। यह गोवा, दिल्ली और राजस्थान से बेहतर है।
2.‘बैक टू विलेज’ कार्यक्रम से ग्रामीण इलाकों में 50 हजार लोगों को स्व रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। 19 हजार से ज्यादा लोगों को ऋण दिया जा चुका है, जिनमें 4500 महिलाएं हैं। इस योजना में महिलाओं और युवाओं पर फोकस रखा गया है।
3.न्यू इंडस्ट्रियल स्कीम के तहत राज्य को 28 हजार चार सौ करोड़ का इंसेटिव दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि इस तरह की उद्योग नीति किसी प्रदेश के पास नहीं है। 
4. सरकार ने राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए बड़े स्तर अभियान शुरू किया है। इसके जरिए 45-50 हजार करोड़ निवेश आने की उम्मीद है, जिससे आठ से नौ लाख लोगों को रोजगार दिया जा सकता है। 
5. हाल ही में यूएई ने इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट के लिए जम्मू कश्मीर सरकार से समझौता किया है। इसकी मदद से इस केंद्र शासित राज्य में मल्टीनेशनल टॉवर, आईटी पार्क, लॉजिस्टिक टॉवर्स, इंडस्ट्रियल पार्क, मेडिकल कॉलेज, विशेष अस्पताल समेत कई विकास कार्य होने हैं। इसके जरिए भी युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिलेंगे।  
6. एमएसएमई के जरिए राज्य में छोटे उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन मुहैया कराया जा रहा है। 
7. आईआईटी जम्मू का नया परिसर शुरू किया गया।   
8. बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज के साथ मिलकर एक 360 डिग्री फाइनेंसियल सर्विस की ट्रेनिंग युवाओं को दी जा रही है।
9. टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से कौशल विकास का काम चल रहा है। 
10. महिला उद्यमियों के लिए ‘हौसला’ योजना शुरू की गई है। 

आतंकी और पथराव की घटनाओं का क्या हुआ?

अनुच्छेद 370 हटने के बाद से अब तक 700 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद से अब तक 700 से ज्यादा आतंकी मारे जा चुके हैं। - फोटो : अमर उजाला
1. अनुच्छेद 370 हटने के बाद से राज्य में पथराव की घटनाएं 85% तक कम हो गई है। 
2. जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक 2019 में 1990 से अधिक पथराव की घटनाएं हुई थीं। वहीं 2020 में ऐसी 250 घटनाएं रिपोर्ट हुई। 
3. 2019 की बजाय 2020 में आतंकी घटनाओं में 70% की गिरावट  दर्ज हुई।  
4. सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने अनुच्छेद 370 हटने के बाद से अब तक 700 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया है। करीब 432 एनकाउंटर हुए हैं।
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