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Maharashtra: 'विधानसभा चुनाव से कांग्रेस की कमजोरी का अनुमान लगाना गलत', सपकाल बोले- जल्द किया जाएगा सुधार

Fri, 21 Feb 2025 02:27 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 21 Feb 2025 02:27 PM IST
सार

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि विधानसभा चुनाव के नतीजों से यह अनुमान लगाना गलत है कि हमारे कार्यकर्ता हतोत्साहित हैं। हमने केवल 16 सीटें जीतीं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम कमजोर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता सुधार के लिए उत्साहित हैं। जल्द ही सुधार किया जाएगा। 

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Harshvardhan Sapkal says Wrong to infer from Maharashtra poll results Congress weakened course correction soon
हर्षवर्धन सपकाल, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष - फोटो : X@INCMaharashtra

विस्तार

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने सबसे खराब प्रदर्शन किया, लेकिन इससे यह अनुमान लगाना गलत है कि कांग्रेस कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने राज्य की कांग्रेस इकाई को फिर से मजबूत करने की चुनौती स्वीकार की है। बता दें कि सपकाल ने हाल ही में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभाला है। 

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हर्षवर्धन सपकाल ने एक साक्षात्कार में कहा कि यह धारणा गलत है कि हमारे कार्यकर्ता हतोत्साहित हैं। चुनाव नतीजे चौंकाने वाले थे, लेकिन हमारे कार्यकर्ता सुधार के लिए उत्साहित हैं। हमने केवल 16 सीटें जीतीं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम कमजोर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जब हम एक्शन मोड में आएंगे, तो आप उनका उत्साह देखेंगे। 
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भाजपा पर निकाय चुनाव न कराने का आरोप
सपकाल ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर स्थानीय निकाय चुनाव नहीं कराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती की निकाय चुनाव हों। सरकार यह भी भूल गई है कि पार्षदों और जिला परिषद सदस्यों के रूप में निर्वाचित प्रतिनिधि भी थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में निकाय चुनाव करीब दो साल से लंबित हैं, लेकिन निकट भविष्य में उन्हें चुनाव की उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। 
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हमारे लिए करो या मरो वाली स्थिति: सपकाल
सपकाल ने कहा कि उन्होंने राज्य कांग्रेस इकाई का नेतृत्व करने की चुनौती स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि मुझे कार्यकर्ता और नेताओं का समर्थन प्राप्त है। हमारे लिए यह करो या मरो वाली स्थिति है। भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ एक कहानी गढ़कर फंसाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जमीनी मुद्दे लोगों की आजीविका- जैसे खेती की लागत, किसानों के लिए फसल की दर, बेरोजगारी और मूल्य वृद्धि से जुड़े हैं, लेकिन सरकार कुछ लोगों के हितों की रक्षा करना चाहती है। उन्होंने कहा, 'आज केवल दो विचारधाराएं हैं- भाजपा और कांग्रेस। हमें एकजुट होकर और अनुशासित तरीके से वैचारिक लड़ाई लड़नी होगी।'

हमें सद्भावना स्थापित करने की जरूरत: सपकाल
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि समाज में विश्वास की कमी पैदा करने के लिए जाति और धर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हमें राज्य में सद्भाव सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए, जिसका सामाजिक ताना-बाना तनावपूर्ण हो गया है। हमें सद्भावना स्थापित करनी होगी। अन्यथा, संकट न केवल आने वाली पीढ़ियों को बल्कि हमारे अपने जीवनकाल को भी प्रभावित करेगा।'

कांग्रेस का ढांचा मजबूत, सामाजिक संकट से निपटने में सक्षम
कांग्रेस नेता सपकाल ने कहा कि कांग्रेस का ढांचा मजबूत है। इस सामाजिक संकट से निपटने में कांग्रेस सक्षम है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं, कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच समन्वय की जो कड़ी कमजोर हुई है, उसे मजबूत करने की जरूरत है। जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मेरा फोकस इस बात पर होगा कि जन नेताओं को जिम्मेदारी दी जाए, पार्टी के वफादारों को समायोजित किया जाए और अक्षम पदाधिकारियों को बदला जाए। 

राज्य में सद्भावना बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम कराना प्राथमिकता
सपकाल ने कहा कि उनकी प्राथमिकता में पूरे राज्य में सद्भावना बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रम कराना है। उन्होंने कहा कि भाजपा की रीढ़ आरएसएस है, जबकि कांग्रेस की रीढ़ उसकी विरासत और परंपराएं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का डीएनए देश का डीएनए है। कांग्रेस एक जन-आधारित पार्टी है। उन्होंने कहा कि हमें पार्टी के भीतर किसी भी तरह की खामियों को दूर करने की जरूरत है। 


बता दें कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 101 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह 288 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 16 सीटें ही जीत पाई थी। कांग्रेस ने विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) में शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (एसपी) की सहयोगी के रूप में चुनाव लड़ा था। 

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