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Har Ghar Tiranga: मोदी तो फिर प्रधानमंत्री बन गए, जो चौकीदार बने वो 'चौकीदार' ही रह गए
सार
पीएम मोदी ने चौकीदारों या सिक्योरिटी गार्ड के साथ बातचीत करने का एक कार्यक्रम भी कराया था और कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अनेक चौकीदारों से बात कर उनके काम को सम्मान देने की पहल भी की थी।
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पीएम मोदी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि 'हर घर तिरंगा अभियान' (Har Ghar Tiranga) को समर्थन देने के लिए वे भी सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी डीपी बदलकर 'तिरंगा' कर लें। इससे अभियान को मजबूती देने में सहायता मिलेगी। मोदी की इस अपील के बाद भाजपा के अनेक नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने अपनी डीपी बदलकर तिरंगा कर ली है। इसके पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार सोशल मीडिया पर नाम या डीपी बदलकर अपने अभियान को समर्थन देने की अपील की थी जो काफी कारगर रही थी।
सफल रहा था पीएम मोदी का कैंपेन
पिछले लोकसभा चुनाव के पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर 'मैं भी चौकीदार' कैंपेन चलाई थी। इस कैंपेन में उन्होंने स्वयं अपने सोशल मीडिया पर 'मैं भी चौकीदार' लिखा था और अपने समर्थकों से भी ऐसा करने के लिए कहा था। उनकी अपील के बाद लाखों लोगों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने नाम के साथ 'मैं भी चौकीदार' या 'चौकीदार' शब्द जोड़ लिया था। मोदी ने चौकीदारों या सिक्योरिटी गार्ड के साथ बातचीत करने का एक कार्यक्रम भी कराया था और कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अनेक चौकीदारों से बात कर उनके काम को सम्मान देने की पहल भी की थी। उनकी यह कोशिश काफी सफल रही थी और इस वर्ग के लोग उनके बड़े समर्थक बनकर उभरे थे।
हालांकि, बाद में प्रधानमंत्री ने अपने प्रोफाइल पर दोबारा 'नरेंद्र मोदी' लिख दिया, जबकि उस समय चौकीदार बने हजारों सोशल मीडिया अकाउंट अब तक चौकीदार बने हुए हैं। इसमें अनेक अकाउंट आज भी सक्रिय हैं और उनसे लगातार ट्वीट किये जा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर सोशल मीडिया अकाउंट से भाजपा सरकार के निर्णयों का समर्थन किया जा रहा है।
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कैसे हुई थी शुरुआत
2019 के लोकसभा चुनाव के पूर्व विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उन्होंने सरकार पर कुछ उद्योगपतियों को गलत तरीके से आर्थिक सहायता पहुंचाने की बात कही थी। केंद्र सरकार पर हमला करने के लिए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर 'चौकीदार चोर है' का कैंपेन चलाया जो उनके समर्थकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। उनके समर्थकों ने इसे सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कराया था, लेकिन राहुल गांधी के इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे निम्न वर्ग के श्रमिकों और चौकीदारों का अपमान करार दिया। प्रतिक्रिया में उन्होंने 14 मार्च 2019 को 'मैं भी चौकीदार' कैंपेन की शुरुआत की जो बहुत लोकप्रिय रही। उनके समर्थन में भाजपा कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर ने अपने नाम या यूजर आईडी के साथ अंग्रेजी या हिंदी में 'मैं भी चौकीदार' या 'चौकीदार' शब्द जोड़ दिया। इसमें कई सोशल मीडिया अकाउंट से अभी भी मोदी को 2024 में प्रधानमंत्री बनाने की अपील की जा रही है।
क्यों बने हुए हैं चौकीदार
भाजपा नेता आनंद त्रिवेदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आज भी 'चौकीदार' शब्द जोड़ रखा है। वे अभी तक 'चौकीदार' क्यों बने हुए हैं, यह पूछने पर आनंद त्रिवेदी ने अमर उजाला से कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये अपील समाज के सबसे कमजोर वर्ग को मजबूती देने वाली थी। यह उनके काम और परिश्रम का सम्मान था। यही कारण है कि वे आज भी अपने नाम के साथ चौकीदार शब्द लगाए हुए हैं। आनंद त्रिवेदी ने कहा कि वे जब भी अपने नाम के साथ चौकीदार शब्द देखते हैं तो उन्हें उस जिम्मेदारी का अनुभव होता है जिसे प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकर्ताओं को सौंपी है। इस जिम्मेदारी के कारण ही वे आज भी अपने क्षेत्र में लोगों की सहायता करने, केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने और सेवा का काम कर रहे हैं।'
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सफल रहा था पीएम मोदी का कैंपेन
पिछले लोकसभा चुनाव के पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर 'मैं भी चौकीदार' कैंपेन चलाई थी। इस कैंपेन में उन्होंने स्वयं अपने सोशल मीडिया पर 'मैं भी चौकीदार' लिखा था और अपने समर्थकों से भी ऐसा करने के लिए कहा था। उनकी अपील के बाद लाखों लोगों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपने नाम के साथ 'मैं भी चौकीदार' या 'चौकीदार' शब्द जोड़ लिया था। मोदी ने चौकीदारों या सिक्योरिटी गार्ड के साथ बातचीत करने का एक कार्यक्रम भी कराया था और कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अनेक चौकीदारों से बात कर उनके काम को सम्मान देने की पहल भी की थी। उनकी यह कोशिश काफी सफल रही थी और इस वर्ग के लोग उनके बड़े समर्थक बनकर उभरे थे।
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हालांकि, बाद में प्रधानमंत्री ने अपने प्रोफाइल पर दोबारा 'नरेंद्र मोदी' लिख दिया, जबकि उस समय चौकीदार बने हजारों सोशल मीडिया अकाउंट अब तक चौकीदार बने हुए हैं। इसमें अनेक अकाउंट आज भी सक्रिय हैं और उनसे लगातार ट्वीट किये जा रहे हैं। इनमें से ज्यादातर सोशल मीडिया अकाउंट से भाजपा सरकार के निर्णयों का समर्थन किया जा रहा है।
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कैसे हुई थी शुरुआत
2019 के लोकसभा चुनाव के पूर्व विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। उन्होंने सरकार पर कुछ उद्योगपतियों को गलत तरीके से आर्थिक सहायता पहुंचाने की बात कही थी। केंद्र सरकार पर हमला करने के लिए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर 'चौकीदार चोर है' का कैंपेन चलाया जो उनके समर्थकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। उनके समर्थकों ने इसे सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कराया था, लेकिन राहुल गांधी के इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे निम्न वर्ग के श्रमिकों और चौकीदारों का अपमान करार दिया। प्रतिक्रिया में उन्होंने 14 मार्च 2019 को 'मैं भी चौकीदार' कैंपेन की शुरुआत की जो बहुत लोकप्रिय रही। उनके समर्थन में भाजपा कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर ने अपने नाम या यूजर आईडी के साथ अंग्रेजी या हिंदी में 'मैं भी चौकीदार' या 'चौकीदार' शब्द जोड़ दिया। इसमें कई सोशल मीडिया अकाउंट से अभी भी मोदी को 2024 में प्रधानमंत्री बनाने की अपील की जा रही है।
क्यों बने हुए हैं चौकीदार
भाजपा नेता आनंद त्रिवेदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर आज भी 'चौकीदार' शब्द जोड़ रखा है। वे अभी तक 'चौकीदार' क्यों बने हुए हैं, यह पूछने पर आनंद त्रिवेदी ने अमर उजाला से कहा कि 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ये अपील समाज के सबसे कमजोर वर्ग को मजबूती देने वाली थी। यह उनके काम और परिश्रम का सम्मान था। यही कारण है कि वे आज भी अपने नाम के साथ चौकीदार शब्द लगाए हुए हैं। आनंद त्रिवेदी ने कहा कि वे जब भी अपने नाम के साथ चौकीदार शब्द देखते हैं तो उन्हें उस जिम्मेदारी का अनुभव होता है जिसे प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकर्ताओं को सौंपी है। इस जिम्मेदारी के कारण ही वे आज भी अपने क्षेत्र में लोगों की सहायता करने, केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचाने और सेवा का काम कर रहे हैं।'