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एचएएल को नहीं मिले रक्षामंत्री के बताए एक लाख करोड़ के ऑर्डर

Sun, 06 Jan 2019 09:49 AM IST
Shani Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shani Mishra Updated Sun, 06 Jan 2019 09:49 AM IST
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HAL awaits orders of one lakh crores mentioned by nirmala sitharaman in lok sabha
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल)
आर्थिक तंगी से जूझ रहे भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को राफेल पर चर्चा के दौरान रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बताए गए एक लाख करोड़ के ऑर्डरों का इंतजार है। डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल ने सुरक्षा बलों की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए पहले ही कुछ आर्डरों को मंजूरी दे दी है मगर एचएएल को अबतक वास्तविक आर्डर नहीं मिले हैं।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एचएएल के पास केवल तीन महीनों तक अपने कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये थे। साथ ही एचएएल के सबसे बड़े ग्राहक भारतीय वायु सेना ने अपने बकाया नहीं चुकाए हैं।
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औपचारिकताओं में लगता है समय !

शुक्रवार को रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि मोदी सरकार ने एचएएल को एक लाख करोड़ के ऑर्डर दिए है। कई ऑर्डरों की आवश्यकता की स्वीकार्यता और मंजूरी डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल से मिल चुकी है मगर अबतक ऑर्डर नहीं दिए गए है। एचएएल के एक अधिकारी ने नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर बताया कि न ही कोई ऑर्डर अबतक मिला है और न ही कोई पैसा।
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लोकसभा में रक्षामंत्री ने कहा था कि कई ऑर्डर्स अभी लंबित है इनमें 50 हजार करोड़ के एलसीए तेजस, तीन हजार करोड़ के कॉम्बैट हेलिकॉप्टर, 20 हजार करोड़ के 200 अन्य हेलिकॉप्टर, 3400 करोड़ के 19 ड्रोनियर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, 15 हजार करोड़ के हेलिकॉप्टर और 8400 करोड़ के ऐरो इंजन शामिल है।

एयरक्राफ्ट के ऑर्डरों एडीए देता है मंजूरी

एयरक्राफ्ट के ऑर्डरों को एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) मंजूरी देता है, साथ ही कीमतों को लेकर होने वाली चर्चा में भी समय लगता है। एचएएल के एक अधिकारी ने बताया कि एचएएल एक लिस्टेड कंपनी है, आप हमारी ऑर्डर बुक देख सकते हैं। घोषित हुए एक लाख करोड़ में से अबतक एक रुपया नहीं मिला और न ही कोई ऑर्डर साइन हुआ है। हालांकि लोकसभा में भी रक्षामंत्री ने ऑर्डर साइन होने का दावा नहीं किया था।

शनिवार को रक्षामंत्री के प्रवक्ता ने जब इस बारे में बात करनी चाही तो इन सवालों का जवाब नहीं मिला। एक अधिकारी ने कहा कि एलसीए मार्क-1 एयरक्राफ्ट के लिए अभी नीलामी प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। यह रूस के कमोव हेलिकॉप्टर की तरह ही है और एचएएल का प्रोजेक्ट नहीं है। इसमें एचएएल की बहुत सीमित भूमिका है। अन्य अधिकारी ने बताया की ड्रोनियर या इंजन के लिए ऑर्डर अभी नहीं दिए गए है। कीमत पर चर्चा के दौरान ही इनकी संख्या 150 से घटकर 130 हो गई थी।

वर्तमान में एचएएल के पास 73 एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर का ऑर्डर है। एचएएल कर्मचारी संघ के महासचिव सूर्यदेवरा चंद्रशेखर ने बताया की इन हेलिकॉप्टर कि शुरुआती कीमत 70 करोड़ है और इसमें से कुछ एडवांस मिला है।

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