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हज सब्सिडी अगले साल से खत्म, अल्पसंख्यकों और शिक्षा पर खर्च होगा पैसा
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:49 PM IST
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हज सब्सिडी को अगले साल से खत्म कर दिया जाएगा, केंद्र सरकार ने यह फैसला इस साल के शुरुआत में बनाई गई स्पेशल कमेटी के सुझाव पर लिया है। केंद्र सरकार के इस कदम का भारत की हज कमेटी द्वारा विरोध किया जा रहा है, उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2012 में दिए गए फैसले के हिसाब से इसे 2022 तक इसे धीरे-धीरे खत्म किया जाना चाहिए।
मुस्लिम महिलाएं भी बिना किसी पुरुष साथी के कर सकेंगी हज
गुरुवार को नई हज पॉलिसी पर एक मीटिंग की गई थी जिसमें अल्पसंख्यक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, एयर इंडिया और हज कमेटी के सीनियर लोग शामिल थे। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, अगले साल से हज सब्सिडी को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा और इस पैसे को शिक्षा और अल्पसंख्यकों पर खर्च किया जाएगा।
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गुरुवार को नई हज पॉलिसी पर एक मीटिंग की गई थी जिसमें अल्पसंख्यक मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, एयर इंडिया और हज कमेटी के सीनियर लोग शामिल थे। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, अगले साल से हज सब्सिडी को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा और इस पैसे को शिक्षा और अल्पसंख्यकों पर खर्च किया जाएगा।
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धीरे-धीरे कम हो रही सब्सिडी
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सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2012 में दिए गए फैसले से पहले 650 करोड़ रुपए की हज सब्सिडी दी जाती थी। 2012 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इसे धीरे-धीरे कम किया गया। फिलहाल इसके लिए 450 करोड़ रुपए दिए जाते हैं।
माना जा रहा है कि इससे असम और झारखंड जैसे राज्यों पर फर्क पड़ेगा जहां से वैसे भी कम लोग यात्रा के लिए जाते हैं। इस साल 1 लाख 70 हजार लोग हज यात्रा पर गए थे। वहां जाने के लिए सबसे सस्ता प्लान 2 लाख 10 हजार का पड़ता है। वहीं प्राइवेट टूर पर जाने वाले को चार से छह लाख रुपए तक चुकाने पड़ते हैं।
माना जा रहा है कि इससे असम और झारखंड जैसे राज्यों पर फर्क पड़ेगा जहां से वैसे भी कम लोग यात्रा के लिए जाते हैं। इस साल 1 लाख 70 हजार लोग हज यात्रा पर गए थे। वहां जाने के लिए सबसे सस्ता प्लान 2 लाख 10 हजार का पड़ता है। वहीं प्राइवेट टूर पर जाने वाले को चार से छह लाख रुपए तक चुकाने पड़ते हैं।