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Hair Transplant : एनएमसी का डॉक्टरों को निर्देश, सिर्फ यूट्यूब देख कर न करें हेयर ट्रांसप्लांट
Wed, 28 Sep 2022 05:56 AM IST
योगेश साहू
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 28 Sep 2022 05:56 AM IST
सार
Hair Transplant : एनएमसी ने न सिर्फ डॉक्टरों बल्कि मरीजों को भी सलाह दी कि वह यह सुनिश्चित करें कि जिस डॉक्टर से वह ऑपरेशन करा रहे हैं, वह पर्याप्त रूप से अनुभवी एवं प्रशिक्षित है। साथ ही यह भी देखें कि सर्जरी बेहतर सुविधाओं वाले अस्पताल में की जा रही है या नहीं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : istock
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विस्तार
Hair Transplant : सरकार ने हेयर ट्रांसप्लांट जैसी सर्जरी को लेकर लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। 20 सितंबर को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार डॉक्टरों से कहा गया है कि वे बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के हेयर ट्रांसप्लांट जैसी सर्जरी न करें। यूट्यूब या वर्कशाप देख लेना भर पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं है। साथ ही मरीजों से कहा गया है कि वे पहले चिकित्सक के बारे में पड़ताल करें, तभी हेयर ट्रांसप्लांट कराएं।
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बिना पर्याप्त प्रशिक्षण के सर्जरी खतरनाक
एस्थेटिक सर्जरी और हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रियाओं पर दिशानिर्देश जारी करते हुए चिकित्सा आयोग ने सलाह दी है इस तरह की चिकित्सा प्रक्रियाओं में बेहतर प्रबंधन और संसाधन की जरूरत होती है। हेयर ट्रांसप्लांट की सर्जरी के बाद की देखभाल के लिए प्रशिक्षित स्टाॅफ और खास उपकरणों की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया है।
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एनएमसी ने कहा कि हेयर ट्रांसप्लांट के लिए डॉक्टरों को व्यापक प्रशिक्षण जरूरी है। दूसरे, मरीज का चयन भी महत्वपूर्ण है। हर मरीज के बाल नहीं उगाए जा सकते। साथ ही विभिन्न प्रकार की जांचें जरूरी हैं। सर्जरी के बाद की देखरेख भी महत्वपूर्ण है। इसलिए हर कोई सर्जन यह काम नहीं कर सकता।
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कई चिकित्सक इस विषय पर किसी कार्यशाला में भाग लेकर या यूट्यूब चैनल पर देखकर सर्जरी करने लगते हैं। इसके गंभीर दुष्परिणाम हो सकते हैं। एनएमसी ने कहा कि सभी संसाधनों से लैस अस्पताल में ही इस प्रकार की शल्य चिकित्सा होनी चाहिए। वहां एनेथेसिया की भी सुविधा हो। मरीज की अनुमति लेनी जरूरी हो और सर्जरी का रिकॉर्ड भी वैसे ही रखा जाना चाहिए, जैसे अन्य प्रकार की सर्जरी के मामले में रखा जाता है।
दिशानिर्देशों के अनुसार, हेयर ट्रांसप्लांट सिर्फ वही कर सकते हैं जिनके पास औपचारिक सर्जिकल प्रशिक्षण है और उन्होंने एमसीएच / डीएनबी प्लास्टिक सर्जरी, एमडी/डीएनबी डर्मेटोलॉजी की पढ़ाई की हो। यह भी ध्यान दिया जाए कि हेयर ट्रांसप्लांट इनकी पढ़ाई का मुख्य विषय रहा हो।
उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
एनएमसी ने न सिर्फ डॉक्टरों बल्कि मरीजों को भी सलाह दी कि वह यह सुनिश्चित करें कि जिस डॉक्टर से वह ऑपरेशन करा रहे हैं, वह पर्याप्त रूप से अनुभवी एवं प्रशिक्षित है। साथ ही यह भी देखें कि सर्जरी बेहतर सुविधाओं वाले अस्पताल में की जा रही है या नहीं। इन सब बातों से संतुष्ट होने पर ही सर्जरी कराएं। एनएमसी ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने को आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा और कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा झूठे या बढ़ा चढ़ा कर किए गए दावों के साथ विज्ञापन पर सख्ती दिखाने की बात भी एनएमसी ने कही है।