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Telangana: वन अधिकारी की हत्या के बाद सुर्खियों में आया पोडू भूमि का मुद्दा, जानें क्या है पूरा मामला?
Wed, 07 Dec 2022 10:20 AM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 07 Dec 2022 10:20 AM IST
सार
गुथी कोया आदिवासियों द्वारा तेलंगाना में एक वन अधिकारी की हत्या के बाद से 'पोडू' भूमि (स्थानांतरित खेती) का मुद्दा फिर से गरमा गया है।
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पोडू भूमि विवाद
- फोटो : Social Media
विस्तार
गुथी कोया आदिवासियों द्वारा तेलंगाना में एक वन अधिकारी की हत्या के बाद से 'पोडू' भूमि (स्थानांतरित खेती) का मुद्दा फिर से गरमा गया है। आदिवासी एक बार फिर से इस मुद्दे को उठा रहे हैं और जमीन पर अधिकार की मांग कर रहे हैं। बता दें कि 22 नवंबर को भद्राद्री कोठागुडेम जिले के एक वन क्षेत्र के अंदर 'पोडू' की खेती में शामिल आदिवासियों के एक समूह द्वारा हमला किए जाने के बाद वन रेंज अधिकारी श्रीनिवास राव की मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि श्रीनिवास राव चंद्रगोंडा मंडल के बेंदलापाडु गांव में वृक्षारोपण को काटने से रोक रहे थे और इसी दौरान कुछ आदिवासियों ने उनपर हमला कर दिया।
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जानें क्या है विवाद?
चूंकि पोडू विषय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में है, इसलिए राज्य सरकार इस समस्या को हल करने में असमर्थ है। चूंकी केंद्र सरकार ने कट-ऑफ डेट तय की और 13 दिसंबर, 2005 तक वन भूमि पर कब्जा करने वाले आदिवासियों को ही अधिकार दिए। लेकिन राज्य सरकार का विचार है कि केंद्र सरकार को अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम में संशोधन करना चाहिए और कट ऑफ डेट को आगे बढ़ाना चाहिए।
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