गुजरात हिंसा : मुख्यमंत्री की अपील के बावजूद मजदूरों का राज्य से पलायन जारी
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मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की अपील के बावजूद गुजरात में उत्तर भारतीयों का पलायन जारी है। कुछ इलाकों में उनको निशाना बनाए जाने के बाद मंगलवार को बड़ी संख्या में हिंदी भाषी फैक्ट्री मजदूर ट्रेनों और बसों से वापस लौट गए। इस बीच, औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास और जहां ये प्रवासी श्रमिक रहते हैं वहां पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।
अहमदाबाद स्टेशन पर एक प्रवासी मजदूर ने बताया, ‘बीती रात कुछ लोग हमारे इलाके में आए और हमें तत्काल जगह छोड़ने के लिए कहा। उन्होंने धमकी दी कि अगर हम वापस अपने प्रदेश नहीं लौटे तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।’
वडोदरा में पुलिस का फ्लैग मार्च
वडोदरा में पुलिस ने औद्योगिक इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला। यहां की फैक्ट्रियों में 25 हजार के करीब उत्तर भारतीय काम करते हैं। पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत ने बताया कि हिंदी भाषियों की सुरक्षा को देखते हुए औद्योगिक इलाकों में अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैनात की गई है।
इस बीच, उत्तर भारतीय विकास परिषद के अध्यक्ष श्याम सिंह ठाकुर ने बताया कि हालात अब सामान्य हो रहे हैं, लेकिन जो लोग पहले ही लौटने का फैसला कर चुके हैं, वे रुकने को तैयार नहीं हैं। अब तक करीब 60 हजार से ज्यादा उत्तर भारतीय लौट चुके हैं।
अल्पेश को निष्कासित करे कांग्रेस : भाजपा
भाजपा ने उत्तर भारतीयों पर हुए हमले के लिए कांग्रेस विधायक और बिहार के प्रभारी अल्पेश ठाकोर को जिम्मेदार ठहराया। पार्टी प्रवक्ता सांबित पात्रा ने कहा कि इस मामले में गिरफ्तार लोगों में से कई कांग्रेस के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष अपनी राजनीति चमकाने के लिए अपने विश्वस्त अल्पेश के माध्यम से गुजरात का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। पात्रा ने कहा कि राहुल को चाहिए कि वह तत्काल अल्पेश को पार्टी से निष्कासित करे।
गुजरात सरकार पलायन रोकने में विफल : ओवेसी
इस मामले में आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अधयक्ष असदउद्दीन ओवेसी ने कहा कि गुजरात में जो माहौल है उसके लिए पूरी तरह से भाजपा सरकार जिम्मेदार है। गुजरात सरकार प्रवासियों का पलायन रोकने में विफल रही है। ओवेसी ने कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रवासियों को सुरक्षा मुहैया कराए।
फैक्ट्रियों में काम ठप
अहमदाबाद के निकट साणंद में बीते तीन दिन से फैक्ट्रियों में काम ठप पड़ा है। एक फैक्ट्री मालिक ने बताया कि मंगलवार को कुछ मजदूर ही काम पर लौटे। यहां करीब 15000 प्रवासी श्रमिक काम करते हैं, जिनमें से चार हजार वापस लौट चुके हैं। वहीं मेहसाणा के देदियासान इंडस्ट्रियल एस्टेट के अध्यक्ष जीके पटेल ने बताया कि करीब एक हजार प्रवासी मजदूर लौट चुके हैं, जिससे काम प्रभावित हुआ है।