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गुजरात पर कोर्ट की टिप्पणी, यूपी-बिहार से भी ज्यादा हालत खराब
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 10 Feb 2017 06:45 AM IST
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डेमो पिक
गुजरात हाईकोर्टो ने कोडिनार हिंसा पर सुनवाई के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि राज्य में कानून व्यवस्था के हालात उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से भी बदतर हैं।
कोर्ट ने कहा कि यूपी और बिहार के बारे में जितना सुनने को मिलता है, उससे ज्यादा गुजरात के सौराष्ट्र प्रांत के कोडिनार के हालात खराब हैं। बताते चलें कि कोर्ट ने यह टिप्पणी कोडिनार में हुए हिंसा के वीडियो देखने के बाद की।
बताते चलें कि गजुरात के कोडिनार में अक्टूबर 2016 में हिंसा हुई थी। इसका एक वीडियो कोर्ट में जज को दिखाया गया, जिसमें स्पष्ट तौर पर दिख रहा था कि पुलिस दंगाइयों का साथ दे रही है। वहीं, पीड़ित रफीक सलोत के घर पर जब दंगाई हमला कर रहे थे तो पुलिस मूकदर्शक ब नी हुई थी।
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कोर्ट ने बीजेपी सांसद दीनू बोघा सोलंकी पर एक्शन नहीं लेने के लिए पुलिस पर भी नाराजगी जाहिर की है।
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कोर्ट ने कहा कि यूपी और बिहार के बारे में जितना सुनने को मिलता है, उससे ज्यादा गुजरात के सौराष्ट्र प्रांत के कोडिनार के हालात खराब हैं। बताते चलें कि कोर्ट ने यह टिप्पणी कोडिनार में हुए हिंसा के वीडियो देखने के बाद की।
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बताते चलें कि गजुरात के कोडिनार में अक्टूबर 2016 में हिंसा हुई थी। इसका एक वीडियो कोर्ट में जज को दिखाया गया, जिसमें स्पष्ट तौर पर दिख रहा था कि पुलिस दंगाइयों का साथ दे रही है। वहीं, पीड़ित रफीक सलोत के घर पर जब दंगाई हमला कर रहे थे तो पुलिस मूकदर्शक ब नी हुई थी।
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कोर्ट ने बीजेपी सांसद दीनू बोघा सोलंकी पर एक्शन नहीं लेने के लिए पुलिस पर भी नाराजगी जाहिर की है।
पुलिस पर भी कमेंट
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कोर्ट रूम में मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि दंगाइयों की ज्यादा भीड़ होने के कारण वह कोई एक्शन नहीं ले पाए थे। इस पर कोर्ट ने कहा, आपको बंदूकें क्यों दी गई है और इस मामले में गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
कोर्ट ने पुलिस की एफआईआर निरस्त करते हुए कहा कि रफीक सलोत की पत्नी जेतूबेन सलोत के बयान पर नई एफआईआर लिखने का आदेश दिया। साथ ही CID (क्राइम) को मामले की जांच शुरू करने का निर्देश दिया।
कोर्ट ने पुलिस की एफआईआर निरस्त करते हुए कहा कि रफीक सलोत की पत्नी जेतूबेन सलोत के बयान पर नई एफआईआर लिखने का आदेश दिया। साथ ही CID (क्राइम) को मामले की जांच शुरू करने का निर्देश दिया।