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Gujarat: एंजियोप्लास्टी के बाद पीएमजेएवाई के दो लाभार्थियों की मौत, गुजरात सरकार ने जांच के दिए आदेश
Tue, 12 Nov 2024 11:00 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 12 Nov 2024 11:00 PM IST
सार
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, अगर आरोपों में कोई तथ्य या चिकित्सा लापरवाही के सबूत पाए जाते हैं, तो अस्पताल और इसमें शामिल डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं PMJAY के उप निदेशक यूबी गांधी ने घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, यह एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।
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एंजियोप्लास्टी के बाद पीएमजेएवाई के दो लाभार्थियों की मौत
- फोटो : ANI
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विस्तार
गुजरात सरकार ने अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के दो लाभार्थियों की एंजियोप्लास्टी के बाद मौत मामले की जांच का मंगलवार को आदेश दिया। दोनों मृतकों के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल ने सभी को अंधेरे में रखा और सरकारी योजना के तहत चिकित्सा बिल बढ़ाने के लिए जल्दबाजी में एंजोयोप्लास्टी की।
एंजियोप्लास्टी के साथ-साथ स्टेंट लगाने के दौरान मौत
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत जरूरतमंद लोगों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराया जाता है। नागरभाई सेनमा (59) और महेश बारोट (45) की अहमदाबाद के बोदकदेव इलाके में स्थित ख्याति मल्टीस्पेशियल्टी अस्पताल में सोमवार को एंजियोप्लास्टी के साथ-साथ स्टेंट लगाने की प्रक्रिया के तुरंत बाद मौत हो गई थी।
ख्याति अस्पताल की घटना बहुत गंभीर- स्वास्थ्य मंत्री
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा, ख्याति अस्पताल में घटी कथित घटना बहुत गंभीर है। मैंने पीएमजेएवाई की राज्य धोखाधड़ी विरोधी इकाई (एसएएफयू) से मामले की तत्काल जांच कराने का आदेश दिया है। अगर चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों और सबूतों में कोई भी सच्चाई है, तो संबंधित चिकित्सकों और अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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हॉस्पिटल ने बिना बताए मरीजों की एंजियोग्राफी की
ख्याति हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगा है कि हॉस्पिटल ने 19 मरीजों की बिना बताए एंजियोग्राफी कर दी। फिर इनमें से सात मरीजों की एंजियोप्लास्टी कर दी। एंजियोप्लास्टी के बाद दो मरीजों की हॉस्पिटल में ही मौत हो गई। वहीं पांच मरीज ICU में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, इलाके में एक मेडिकल कैंप लगाया गया था। 10 तारीख से दो दिन पहले बैनर लगाए गए थे और 10 नवंबर को सुबह 9 बजे कैंप शुरू हुआ। उन्होंने सभी को सूचित किया कि अगर आगे इलाज की जरूरत है, तो उन्हें अस्पताल जाना होगा। 11 नवंबर को लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए सुबह 9 बजे एक बस आई। कुल 19 ग्रामीण गए, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल थे। उनमें से 90 प्रतिशत पूरी तरह से स्वस्थ थे, फिर भी अस्पताल के कर्मचारियों ने परिवार के सदस्यों को सूचित किए बिना उनके आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल किया और जल्दी से उन सभी की एंजियोग्राफी की।
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एंजियोप्लास्टी के साथ-साथ स्टेंट लगाने के दौरान मौत
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत जरूरतमंद लोगों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराया जाता है। नागरभाई सेनमा (59) और महेश बारोट (45) की अहमदाबाद के बोदकदेव इलाके में स्थित ख्याति मल्टीस्पेशियल्टी अस्पताल में सोमवार को एंजियोप्लास्टी के साथ-साथ स्टेंट लगाने की प्रक्रिया के तुरंत बाद मौत हो गई थी।
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ख्याति अस्पताल की घटना बहुत गंभीर- स्वास्थ्य मंत्री
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल ने कहा, ख्याति अस्पताल में घटी कथित घटना बहुत गंभीर है। मैंने पीएमजेएवाई की राज्य धोखाधड़ी विरोधी इकाई (एसएएफयू) से मामले की तत्काल जांच कराने का आदेश दिया है। अगर चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों और सबूतों में कोई भी सच्चाई है, तो संबंधित चिकित्सकों और अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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हॉस्पिटल ने बिना बताए मरीजों की एंजियोग्राफी की
ख्याति हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप लगा है कि हॉस्पिटल ने 19 मरीजों की बिना बताए एंजियोग्राफी कर दी। फिर इनमें से सात मरीजों की एंजियोप्लास्टी कर दी। एंजियोप्लास्टी के बाद दो मरीजों की हॉस्पिटल में ही मौत हो गई। वहीं पांच मरीज ICU में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, इलाके में एक मेडिकल कैंप लगाया गया था। 10 तारीख से दो दिन पहले बैनर लगाए गए थे और 10 नवंबर को सुबह 9 बजे कैंप शुरू हुआ। उन्होंने सभी को सूचित किया कि अगर आगे इलाज की जरूरत है, तो उन्हें अस्पताल जाना होगा। 11 नवंबर को लोगों को अस्पताल ले जाने के लिए सुबह 9 बजे एक बस आई। कुल 19 ग्रामीण गए, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल थे। उनमें से 90 प्रतिशत पूरी तरह से स्वस्थ थे, फिर भी अस्पताल के कर्मचारियों ने परिवार के सदस्यों को सूचित किए बिना उनके आयुष्मान कार्ड का इस्तेमाल किया और जल्दी से उन सभी की एंजियोग्राफी की।