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Gujarat: अंतरधार्मिक जोड़ों को निशाना बनाने वाले तीन गिरफ्तार, व्हाट्सएप के जरिए चल रहे नेटवर्क का भंडाफोड़

Mon, 28 Aug 2023 10:20 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वडोदरा Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 28 Aug 2023 10:20 PM IST
सार

Gujarat: वडोदरा में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर धार्मिक समूहों के बीच शत्रुता पैदा करने के लिए अंतरधार्मिक जोड़ों को निशाना बनाने, उन्हें परेशान करने और उनके वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने का आरोप है।

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Gujarat: Three held for targeting interfaith couples, blackmailing them by uploading videos on social media
couple demo - फोटो : Social Media

विस्तार

गुजरात के वडोदरा में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पर धार्मिक समूहों के बीच शत्रुता पैदा करने के लिए अंतरधार्मिक जोड़ों को निशाना बनाने, उन्हें परेशान करने और उनके वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने का आरोप है। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

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जोन-2 के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अभय सोनी ने बताया कि यह मामला तब सामने आया, जब ऐसे ही एक दंपति का वीडियो ट्विटर पर वायरल हुआ। जांच में पाया गया कि ऐसे जोड़ों को सक्रिय रूप से निशाना बनाने वाला और 'आर्मी ऑफ महदी' नामक व्हाट्सएप ग्रुप पर वीडियो साझा करने वाला एक गिरोह इसके पीछे था।

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डीसीपी ने बताया कि व्हाट्सएप ग्रुप के तीन एडमिन मुस्तकीम शेखर, बुरहान सैयद और साहिल शेख को धर्म, नस्ल आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, सार्वजनिक शरारत वाले बयान देने और सबूतों को गायब करने करने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। 

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उन्होंने कहा कि उनके द्वारा साझा की गई सामग्री मॉब लिंचिंग और सांप्रदायिक झड़पों का कारण बन सकती थीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि व्हाट्सएप समूह के सदस्यों का एक नेटवर्क था, जो शहर भर में काम करता था और ऐसे अंतरधार्मिक जोड़ों पर नजर रखता था। 

उन्होंने बताया कि उनके काम करने के तरीके के मुताबिक वे एक व्हाट्सएप ग्रुप को तीन-चार महीने तक सक्रिय रखते थे और फिर एक नया समूह शुरू करने से पहले इसे हटा देते थे, जिसमें कई लोग सदस्य होते थे। अधिकारी ने बताया कि उन्होंने वीडियो का इस्तेपाल महिला के परिवार के सदस्यों को ब्लैकमेल करने के लिए भी किया। 

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने कहा कि वे पहले एक महिला को निशाना बनाते थे, जब वह एक अलग धर्म के व्यक्ति के साथ देखी जाती थी और उनका वीडियो रिकॉर्ड करते थे, जिसे बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। डीसीपी ने कहा, 'हमने उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उन्हें फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) भेज दिया है। हम ऑडियो और वीडियो को रिकवर करने की कोशिश करेंगे। हम समूह के सभी सदस्यों से पूछताछ करेंगे।'

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने समूह द्वारा परेशान किए गए लोगों से आगे आने और अपने बयान दर्ज कराने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस उनकी पहचान गुप्त रखेगी। उन्होंने कहा, हम इस तरह के कृत्य के पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और यह देख रहे हैं कि क्या उन्हें बड़े स्तर पर काम करने वाले एक समूह का समर्थन प्राप्त था या क्या वे स्वयं प्रेरित थे। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह के समूह को चलाने की प्रेरणा कहां से मिली, इसकी जांच की जा रही है।

डीसीपी ने कहा कि आरोपियों ने नैतिक पुलिसिंग के रूप में विशेष रूप से अपने ही धर्म की महिलाओं को निशाना बनाया और यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि क्या उन्होंने ऐसे वीडियो के आधार पर पैसे वसूले थे।

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