{"_id":"655d5fb06a650bbb16046238","slug":"gujarat-police-not-registering-rape-case-bulgarian-flight-attendant-went-to-high-court-2023-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gujarat: दुष्कर्म का केस दर्ज नहीं कर रही पुलिस, हाईकोर्ट गई बुल्गारिया की फ्लाइट अटेंडेंट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Gujarat: दुष्कर्म का केस दर्ज नहीं कर रही पुलिस, हाईकोर्ट गई बुल्गारिया की फ्लाइट अटेंडेंट
Wed, 22 Nov 2023 07:26 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,अहमदाबाद
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Wed, 22 Nov 2023 07:26 AM IST
सार
अहमदाबाद पुलिस को बलात्कार और यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करने की मांग वाली याचिका स्वीकार करने के बाद न्यायमूर्ति जेसी दोशी ने 13 अक्तूबर को संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत से उक्त मामले का रिकॉर्ड और कार्यवाही (आरएंडपी) एकत्र करने के लिए कहा था।
विज्ञापन
Gujarat High Court
विस्तार
बुल्गारिया की फ्लाइट अटेंडेंट ने निचली अदालत में दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराने की याचिका खारिज होने के बाद गुजरात हाईकोर्ट का रुख किया है। अहमदाबाद स्थित एक प्रमुख दवा कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के खिलाफ महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
अहमदाबाद पुलिस को बलात्कार और यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करने की मांग वाली याचिका स्वीकार करने के बाद न्यायमूर्ति जेसी दोशी ने 13 अक्तूबर को संबंधित मजिस्ट्रेट अदालत से उक्त मामले का रिकॉर्ड और कार्यवाही (आरएंडपी) एकत्र करने के लिए कहा था। याचिका पर अब 4 दिसंबर को जस्टिस एचडी सुथार सुनवाई करेंगे।
विज्ञापन
एक साल तक केस दर्ज कराने के लिए भटकती रही
27 वर्षीय अटेंडेंट के अनुसार, उसे अगस्त 2022 में फार्मा कंपनी के सीएमडी ने फ्लाइट अटेंडेंट और निजी सहायक के रूप में काम पर रखा था। फरवरी 2023 में राजस्थान की यात्रा के दौरान व्यवसायी ने उस पर यौन टिप्पणी की। कुछ दिनों बाद जम्मू की यात्रा के दौरान फार्मा कंपनी के सीएमडी ने दूसरों की उपस्थिति में उसके साथ दुष्कर्म किया।
विज्ञापन
बुल्गारियाई नागरिक ने दावा किया कि उसने पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़िता ने कुछ महीने पहले एक स्थानीय मजिस्ट्रेट अदालत का दरवाजा खटखटाया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पीए परमार ने 3 अक्तूबर को उसकी याचिका खारिज कर दी।
थाने में हलफनामे पर जबरन हस्ताक्षर कराए गए
उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी ताजा याचिका में अटेंडेंट ने आरोप लगाया है कि व्यवसायी को बचाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने वस्त्रपुर पुलिस स्टेशन में उसे हलफनामे पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया था।