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गुजरात सरकार ने नहीं दी पूर्व पुलिस अधिकारियों पर मुकदमे की इजाजत: सीबीआई

Tue, 19 Mar 2019 02:46 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 19 Mar 2019 02:46 PM IST
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Gujarat government refused sanction to prosecute retired police officers in Ishrat Jahan encounter
डीजी वंजारा (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को विशेष सीबीआई अदालत में कहा कि गुजरात सरकार ने इशरत जहां और तीन अन्य के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों डी जी वंजारा और एन के अमीन के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने से मना कर दिया है।

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सीबीआई के विशेष न्यायाधीश जेके पांड्या की अदालत में सीबीआई के वकील आरसी कोडेकर द्वारा सौंपे गए एक पत्र को पढ़ने के बाद अदालत ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से मना कर दिया। ये पुलिस अधिकारी इशरत मामले में अपराधिक दंड संहिता की धारा 197 के तहत आरोपी हैं।
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बचाव पक्ष के वकील ने तब दोनों पूर्व पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई वापस लेने के लिए आवेदन दाखिल करने की अनुमति मांगी। अदालत ने उनका अनुरोध स्वीकार करते हुए उन्हें 26 मार्च को आवेदन दाखिल करने के लिए कहा।
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पूर्व में अदालत ने दोनों पूर्व अधिकारियों को बरी करने की मांग करने वाले आवेदन को खारिज करते हुए सीबीआई से इस बारे में रुख स्पष्ट करने को कहा था कि क्या वह दोनों पूर्व अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति चाहती है।

इसके बाद सीबीआई ने दोनों पूर्व अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखा था। वंजारा और अमीन उन सात आरोपियों में शामिल हैं जिनके खिलाफ इस मामले में सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किए हैं। वंजारा पूर्व पुलिस उप महानिरीक्षक हैं और अमीन सेवानिवृत्त पुलिस अधीक्षक हैं। 


मुंबई के समीप मुंब्रा की 19 वर्षीय इशरत जहां, जावेद शेख उर्फ प्रणेश पिल्लै, अमजद अली अकबर अली राणा और जीशान जौहर को 15 जून 2004 को अहमदाबाद के बाहरी हिस्से में पुलिस ने एक कथित फर्जी मुठभेड़ में मार दिया था। गुजरात पुलिस ने तब दावा किया था कि इन चारों के आतंकवादियों से संबंध थे और ये लोग गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को मारने की साजिश रच रहे थे।

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