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Unjha Assembly Seat: 2017 में PM मोदी के पैतृक इलाके में हार गई थी भाजपा, अबकी बार पार्टी ने दर्ज की बड़ी जीत
Thu, 15 Dec 2022 04:22 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Thu, 15 Dec 2022 04:22 PM IST
सार
दशकों बाद इस सीट पर कांग्रेस को जीत दिलाने वाली पार्टी की नेता आशा पटेल ने 2019 में इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा की ओर से आशा पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवार कांतिभाई पटेल को हरा दिया।
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वडनगर
- फोटो : social media
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विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
मेहसाणा जिले की उंझा सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पैतृक गांव वडनगर इसी विधानसभा के अंतर्गत आता है। इस सीट के लिए भाजपा ने किरीट पटेल को अपना उम्मीवार बनाया था। किरीट ने इस चुनाव में कांग्रेस की ओर से उतरे अरविंद पटेल मैदान को 51,468 वोटों से हरा दिया।
2017 में इस सीट से कांग्रेस की आशा पटेल जीती थीं। अब तक हुए 15 चुनाव में इस सीट पर ज्यादातर भाजपा को ही जीत मिलती आई है।
2017 में कांग्रेस को दशकों बाद मिली थी जीत
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने नाराणभाई पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं, कांग्रेस की ओर से आशा पटेल उम्मीदवार थीं। आशा पटेल ने भाजपा उम्मीदवार को 19 हजार से ज्यादा वोट से हराया था। इसके साथ ही आशा पटेल ने लगातार पांच बार से जीत रही भाजपा का विजय रथ रोक दिया था। यहां इस कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस व भाजपा उम्मीदवारों के अलावा बाकी 10 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
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2012 में लगातार पांचवीं बार जीते थे नारायण पटेल
2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा के नारायण भाई पटेल को जीत मिली थी। उन्होंने कांग्रेस कीआशा पटेल को 24 हजार से ज्यादा के अंतर से हराया था। यह इस सीट से भाजपा और नारायण पटेल की लगातार पांचवीं जीत थी। उस चुनाव में कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2019 में कांग्रेस विधायक ने बदला लिया पाला
दशकों बाद कांग्रेस के लिए इस सीट पर कांग्रेस को जीत दिलाने वाली आशा पटेल ने 2019 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर आशा पटेल को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के कांतिभाई पटेल को 23 हजार मतों से हराया।
2017 में मेहसाणा जिले की 5 सीटों पर जीती थी भाजपा
उंझा सीट, मेहसाणा जिले के अंतर्गत आने वाली सात सीटों में से एक है। 2017 में जिले की सात में से पांच सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, दो सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
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मेहसाणा जिले की उंझा सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पैतृक गांव वडनगर इसी विधानसभा के अंतर्गत आता है। इस सीट के लिए भाजपा ने किरीट पटेल को अपना उम्मीवार बनाया था। किरीट ने इस चुनाव में कांग्रेस की ओर से उतरे अरविंद पटेल मैदान को 51,468 वोटों से हरा दिया।
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2017 में इस सीट से कांग्रेस की आशा पटेल जीती थीं। अब तक हुए 15 चुनाव में इस सीट पर ज्यादातर भाजपा को ही जीत मिलती आई है।
2017 में कांग्रेस को दशकों बाद मिली थी जीत
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने नाराणभाई पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया था। वहीं, कांग्रेस की ओर से आशा पटेल उम्मीदवार थीं। आशा पटेल ने भाजपा उम्मीदवार को 19 हजार से ज्यादा वोट से हराया था। इसके साथ ही आशा पटेल ने लगातार पांच बार से जीत रही भाजपा का विजय रथ रोक दिया था। यहां इस कुल 12 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस व भाजपा उम्मीदवारों के अलावा बाकी 10 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
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2012 में लगातार पांचवीं बार जीते थे नारायण पटेल
2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा के नारायण भाई पटेल को जीत मिली थी। उन्होंने कांग्रेस कीआशा पटेल को 24 हजार से ज्यादा के अंतर से हराया था। यह इस सीट से भाजपा और नारायण पटेल की लगातार पांचवीं जीत थी। उस चुनाव में कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2019 में कांग्रेस विधायक ने बदला लिया पाला
दशकों बाद कांग्रेस के लिए इस सीट पर कांग्रेस को जीत दिलाने वाली आशा पटेल ने 2019 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार के तौर पर आशा पटेल को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के कांतिभाई पटेल को 23 हजार मतों से हराया।
2017 में मेहसाणा जिले की 5 सीटों पर जीती थी भाजपा
उंझा सीट, मेहसाणा जिले के अंतर्गत आने वाली सात सीटों में से एक है। 2017 में जिले की सात में से पांच सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, दो सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करने में सफल रही थी।