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Katargam Assembly Seat: यहां AAP के गोपाल इटालिया 64 हजार के बड़े अंतर से हारे, ऐसा है इस सीट का इतिहास
Mon, 19 Dec 2022 11:16 AM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Mon, 19 Dec 2022 11:16 AM IST
सार
आम आदमी पार्टी ने अपने गुजरात इकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया को चुनावी मैदान में उतारा था। भाजपा ने मौजूदा विधायक विनोद मोरडिया को टिकट दिया था जोकि गुजरात सरकार में राज्य मंत्री भी रहे हैं।
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गोपाल इटालिया
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
सूरत जिले की कतारगाम सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। इस सीट से आम आदमी पार्टी गुजरात इकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया मैदान में थे। भाजपा ने मौजूदा विधायक विनोद मोरडिया को टिकट दिया था। मोरडिया गुजरात सरकार में राज्य मंत्री भी थे। ये सीट 2008 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। इस चुनाव से पहले हुए दोनों चुनाव में भाजपा ने ही जीत दर्ज की है।
इस चुनाव की बात करें तो एक बार फिर यहां भाजपा की जीत हुई है। भाजपा के वीनू मोराडिया ने गुजरात आप अध्यक्ष गोपाल इटालिया को 64,627 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी।
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2017 में भाजपा व कांग्रेस के अलावा बाकियों की जमानत हुई थी जब्त
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने विनोद मोरडिया को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार जिग्नेश जिवानी को 79 हजार से ज्यादा के अंतर से हराया था। विनोद को इस चुनाव में एक लाख 25 हजार से ज्यादा वोट मिले। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार को 46 हजार वोट से ही संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस व भाजपा उम्मीदवारों के अलावा बाकी 12 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2012 चुनाव में भाजपा को मिली जीत
2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के नानूभाई वनानी ने कांग्रेस उम्मीदवार नन्दलाल पांडव को 43 हजार वोटों से हराया था। नानूभाई को 88 हजार छह सौ ज्यादा वोट मिले। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार को 45 हजार वोट से ही संतोष करना पड़ा। 2012 में कतारगाम सीट से कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
इस बार क्या रहे गुजरात के नतीजे?
इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
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इस चुनाव की बात करें तो एक बार फिर यहां भाजपा की जीत हुई है। भाजपा के वीनू मोराडिया ने गुजरात आप अध्यक्ष गोपाल इटालिया को 64,627 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी।
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2017 में भाजपा व कांग्रेस के अलावा बाकियों की जमानत हुई थी जब्त
2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भाजपा ने विनोद मोरडिया को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार जिग्नेश जिवानी को 79 हजार से ज्यादा के अंतर से हराया था। विनोद को इस चुनाव में एक लाख 25 हजार से ज्यादा वोट मिले। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार को 46 हजार वोट से ही संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में कुल 14 उम्मीदवार मैदान में थे। कांग्रेस व भाजपा उम्मीदवारों के अलावा बाकी 12 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
2012 चुनाव में भाजपा को मिली जीत
2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के नानूभाई वनानी ने कांग्रेस उम्मीदवार नन्दलाल पांडव को 43 हजार वोटों से हराया था। नानूभाई को 88 हजार छह सौ ज्यादा वोट मिले। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार को 45 हजार वोट से ही संतोष करना पड़ा। 2012 में कतारगाम सीट से कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी छह उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।
इस बार क्या रहे गुजरात के नतीजे?
इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
पाटीदार वोटर हैं निर्णायक
डायमंड सिटी के नाम से मशहूर इस जिले में पाटीदार समाज चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है। भाजपा और आम आदमी दोनों ने इसी समाज से अपने उम्मीदवार उतारे थे। जबकि, कांग्रेस ने प्रजापति समाज से आने वाले कल्पेश वारिया को मैदान में उतारा था।
इस सीट के लिए भाजपा ने तत्कालीन राज्य मंत्री विनोद मोरडिया और आम आदमी ने गुजरात ईकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। यहां एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में सूरत जिले में भाजपा को मिली थी बम्पर जीत
कतारगाम सीट, सूरत जिले के अंतर्गत आने वाली 16 सीटों में से एक है। 2017 में जिले की 16 में से 15 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस एक सीट पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी।
डायमंड सिटी के नाम से मशहूर इस जिले में पाटीदार समाज चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाता है। भाजपा और आम आदमी दोनों ने इसी समाज से अपने उम्मीदवार उतारे थे। जबकि, कांग्रेस ने प्रजापति समाज से आने वाले कल्पेश वारिया को मैदान में उतारा था।
इस सीट के लिए भाजपा ने तत्कालीन राज्य मंत्री विनोद मोरडिया और आम आदमी ने गुजरात ईकाई के अध्यक्ष गोपाल इटालिया को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। यहां एक दिसंबर को पहले चरण में मतदान हुआ था। नतीजे आठ दिसंबर को आए।
2017 में सूरत जिले में भाजपा को मिली थी बम्पर जीत
कतारगाम सीट, सूरत जिले के अंतर्गत आने वाली 16 सीटों में से एक है। 2017 में जिले की 16 में से 15 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी। वहीं, कांग्रेस एक सीट पर ही जीत दर्ज करने में सफल रही थी।