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गुजरात चुनाव: मणिशंकर के बयान ने लुटवाई कांग्रेस की नैया, 'नीच' विवाद के बाद भाजपा को बंपर वोट
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 18 Dec 2017 02:39 PM IST
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गुजरात चुनावों में अनुमानों के मुताबिक भाजपा को शानदार जीत मिली है, जबकि कांग्रेस पिछली बार की तरह इस बार फिर सत्ता में वापसी करने में असफल रही। हालांकि मौजूदा चुनावों में कांग्रेस को जीत दिलाने के लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने जी तोड़ मेहनत की थी, दर्जनों रैलियों के अलावा कई महीनों से राहुल गुजरात में डटे हुए थे।
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गुजरात में कांग्रेस की वापसी कराने के लिए राहुल ने जीतोड़ प्रयास किए, खासकर पाटीदार आंदोलन को भुनाने के लिए उन्होंने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। उनकी इस मुहिम का असर होता भी दिखा जब धीरे धीरे कांग्रेस को लेकर गुजरात में माहौल बनता भी दिखा, लेकिन इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के एक बयान ने पूरी बाजी को ही पलट दिया।
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जिस माहौल का कांग्रेस फायदा उठाती दिख रही थी वो ही उसके खिलाफ हो गया। प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ दिए गए कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के नीच वाले बयान ने कांग्रेस के हाथ से पूरी बाजी निकाल दी। चुनावों के बाद आए परिणाम भी इसी बात की गवाही दे रहे हैं कि मणिशंकर का बयान कांग्रेस पर भारी पड़ा।
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नीच वाले बयान पर फंसी कांग्रेस
गुजरात चुनावों की 182 सीटों पर अभी तक आए रुझानों के बाद स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस एक बार फिर यहां सरकार बनाने में असफल रह गई है। परिणामों का गौर से विश्लेषण करने पर कांग्रेस की हार में एक बड़ा फैक्टर सामने आ रहा है।
गुजरात में दो चरण में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए। पहले चरण में राज्य की 89 सीटों पर तो दूसरे चरण में बाकी 93 सीटों पर वोट डाले गए। खास बात ये है कि पहले चरण में भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए कांग्रेस ने जहां 41 सीटों पर बढ़त बनाई वहीं भाजपा को 48 सीटें मिलीं। लेकिन दूसरे चरण से पहले 6 दिसंबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के 'नीच' वाले बयान ने पूरी बाजी कांग्रेस के हाथ से निकाल दी।
प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा ने अय्यर के बयान को जमकर भुनाया, खासकर पीएम मोदी ने इसे गुजराती अस्मिता से जोड़ते हुए गुजरात के आम आदमी की भावनाओं से जोड़ दिया। भाजपा के इस पलटवार का बड़ा असर दिखा।
गुजरात में दो चरण में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए। पहले चरण में राज्य की 89 सीटों पर तो दूसरे चरण में बाकी 93 सीटों पर वोट डाले गए। खास बात ये है कि पहले चरण में भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए कांग्रेस ने जहां 41 सीटों पर बढ़त बनाई वहीं भाजपा को 48 सीटें मिलीं। लेकिन दूसरे चरण से पहले 6 दिसंबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के 'नीच' वाले बयान ने पूरी बाजी कांग्रेस के हाथ से निकाल दी।
प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा ने अय्यर के बयान को जमकर भुनाया, खासकर पीएम मोदी ने इसे गुजराती अस्मिता से जोड़ते हुए गुजरात के आम आदमी की भावनाओं से जोड़ दिया। भाजपा के इस पलटवार का बड़ा असर दिखा।
सुप्रीम कोर्ट में सिब्बल की दलील भी पड़ी कांग्रेस पर भारी
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कांग्रेस इससे उबर पाती उससे पहले ही रही सही कसर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल ने राम मंदिर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने बयान से पूरी कर दी। जिसमें उन्होंने राम मंदिर मुद्दे की सुनवाई 2019 के आम चुनावों के बाद कराने की मांग की।
सिब्बल का तर्क था कि भाजपा इस मुद्दे का आम चुनावों में फायदा उठा सकती है। सिब्बल के इस बयान को मुद्दा बनाते हुए भाजपा ने हिंदुत्व के एजेंडे को धार देकर कांग्रेस पर हमला बोल दिया।
भाजपा के दोनों पलटवार का असर दूसरे चरण के चुनावों में दिखाई दिया। 93 सीटों के लिए हुए इस चुनाव में भाजपा को जहां 61 सीटों पर बढ़त मिली है वहीं कांग्रेस मात्र 30 पर सिमटी दिख रही है। ऐसे में साफ है कि कांग्रेस के इन दोनों बड़े नेताओं का बयान उसके गले की फांस बन गया।
सिब्बल का तर्क था कि भाजपा इस मुद्दे का आम चुनावों में फायदा उठा सकती है। सिब्बल के इस बयान को मुद्दा बनाते हुए भाजपा ने हिंदुत्व के एजेंडे को धार देकर कांग्रेस पर हमला बोल दिया।
भाजपा के दोनों पलटवार का असर दूसरे चरण के चुनावों में दिखाई दिया। 93 सीटों के लिए हुए इस चुनाव में भाजपा को जहां 61 सीटों पर बढ़त मिली है वहीं कांग्रेस मात्र 30 पर सिमटी दिख रही है। ऐसे में साफ है कि कांग्रेस के इन दोनों बड़े नेताओं का बयान उसके गले की फांस बन गया।