गुजरात विधान सभा चुनाव परिणाम: आर्कबिशप, औरंगजेब और जनेऊ भी नहीं आ सके कांग्रेस के काम
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गुजरात चुनाव में भाजपा एक बार फिर पूर्ण बहुमत के निकट पहुंच चुकी है। मौजूदा रुझानों के अनुसार लगातार 22 साल से सत्ता में मौजूद भाजपा का गुजरात में एक बार फिर मजबूती के साथ सत्ता में लौटने का रास्ता साफ हो चुका है।
इसके साथ ही यह भी साफ हो गया है कि तमाम प्रयासों के बाद भी गुजरात में कांग्रेस का कोई बड़ा दांव नहीं चल सका। न हार्दिक उसके काम आ सके और न कोई और।
बड़ी बात ये है कि चुनाव में बहुत तेजी से उछला आर्कबिशप, औरंगजेब और जनेऊ का मुद्दा भी कांग्रेस के किसी काम नहीं आ सका। वहीं भाजपा के सारे दांव इस दौरान सफल साबित हुए, मोदी ने मणिशंकर अय्यर के 'नीच' वाले बयान को प्रमुखता से उठाया जिसका फायदा उसे चुनाव में भी मिला।
कांग्रेस के खिलाफ गया मणिशंकर अय्यर का बयान
चुनाव के दौरान राजधानी गांधीनगर के प्रधान पादरी (आर्चबिशप) ने बीते 23 नवंबर को ईसाई समुदाय को चिट्ठी लिखकर संबोधित कियाा था जिसमें उन्होंने अपने समुदाय के साथ ही गुजरात की जनता से राष्ट्रवादी ताकतों से देश को खतरा बताते हुए उन्हें हराने की अपील की थी।
आर्चबिशप थॉमस मैक्वान के इस बयान को जहां भाजपा ने मुद्दा बनाते हुए उनके बहाने को कांग्रेस को घेर लिया था वहीं चुनाव आयोग ने भी उन्हें नोटिस जारी किया था। आर्चबिशप का ये मुद्दा चुनावों के दौरान काफी उछला, माना जा रहा है कांग्रेस को इसका नुकसान उठाना पड़ा है, उनके इस बयान की वजह से ही हिंदू वोटरों का भाजपा के पक्ष में एकतरफा ध्रूवीकरण हुआ।
दूसरी ओर सोमनाथ के मंदिरों में दर्शनों के दौरान राहुल गांधी की जनेऊ का मुद्दा भी बहुत उछला। भाजपा ने राहुल की हिंदुत्ववादी छवि पर उंगली उठाई तो कांग्रेस की ओर से उनकी एक पुरानी जनेऊ वाली फोटो जारी कर हिंदू वोटरों को लुभाने का प्रयास किया गया लेकिन ये दांव भी कांग्रेस के काम नहीं आ सका।
इसी के अलावा राहुल गांधी की ताजपोशी के दौरान मणिशंकर अय्यर द्वारा की गई औरंगजेब वाली टिप्पणी ने भी गुजरात चुनावों में माहौल बनाने का काम किया। हालांकि औरंगजेब के नाम का इस्तेमाल मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी की ताजपोशी को सही ठहराने के लिए किया था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ही कांग्रेस के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर लिया। नतीजतन कांग्रेस के तीनों बड़े मुद्दे उसी के खिलाफ चले गए।