Gujarat: घर पहुंचा गुजराती जोड़ा, ईरान में बनाया गया था बंधक; अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख की फिरौती पर छोड़ा
Gujarat: दंपति को गांधीनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका इलाज कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि बंधक बनाकर दी गई मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से पंकज अभी भी गहरे सदमे में है, जबकि उसकी गर्भवती पत्नी ठीक है।
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अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश कर रहे गुजरात के एक दंपति को ईरान में बंधक बनाकर रखा गया था और वे बुधवार को लौट आए। पुलिस ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने दंपति को 10 लाख रुपये की फिरौती देने पर छोड़ा।
अहमदाबाद की कृष्णानगर पुलिस ने मंगलवार को एजेंट अभय रावल और पिंटू गोस्वामी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जिन्होंने कथित तौर पर दंपति को ईरान के रास्ते अमेरिका भेजने का वादा किया था। पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 364-ए (अपहरण) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया है लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अधिकारी ने कहा, दंपति पंकज पटेल और उनकी पत्नी निशा पटेल बुधवार सुबह लौटे। जोन चार के पुलिस उपायुक्त कानन देसाई ने यहां कहा, अहमदाबाद अपराध शाखा आगे की जांच कर रही है। दंपति को गांधीनगर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका इलाज कर रहे एक डॉक्टर ने बताया कि बंधक बनाकर दी गई मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से पंकज (29 वर्षीय) अभी भी गहरे सदमे में है, जबकि उसकी गर्भवती पत्नी ठीक है।
उन्होंने कहा, पंकज को कभी-कभी लगता है कि वह अब भी ईरान में है। कैद के दौरान उसे बहुत प्रताड़ित किया गया था, इसलिए वह बहुत रोया था। निशा मानसिक रूप से मजबूत है और कैद के दौरान उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा। मीडिया से बात करते हुए निशा पटेल ( 29 वर्षीय) ने अहमदाबाद अपराध शाखा और गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी को उनकी और उनके पति की सुरक्षित वापसी के लिए धन्यवाद दिया।
शहर की अपराध शाखा ने जांच के बारे में चुप्पी साध रखी है, लेकिन कृष्णानगर पुलिस थाने के निरीक्षक एजे चौहान ने कहा कि दंपति की ईरान से मेक्सिको पहुंचने और अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने की योजना थी। पंकज के बड़े भाई संकेत पटेल की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, एजेंट अभय रावल द्वारा भेजे गए 10 लाख रुपये प्राप्त करने के बाद अपहरणकर्ताओं ने 18 जून को दंपति को रिहा कर दिया था।
निरीक्षक चौहान ने कहा कि गोस्वामी और रावल ने दंपति को तेहरान और मैक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजने के लिए कथित तौर पर 1.5 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, लेकिन दंपति ने भारत छोड़ने से पहले उन्हें कोई पैसा नहीं दिया था। रावल का गांधीनगर में एक कार्यालय है, उसने पहले तीन जून को दंपति को हैदराबाद भेजा और शकील नाम के एक स्थानीय एजेंट को सूचित किया। प्राथमिकी के अनुसार ईरानी वीजा हासिल करने के बाद दंपति 13 जून को तेहरान पहुंचा था।
तेहरान में वसीम सहित कुछ लोग उन्हें एक होटल में ले गए और 15 लाख रुपये की फिरौती के लिए बंधक बना लिया। परिवार पर दबाव बनाने के लिए अपहरणकर्ताओं ने पंकज का एक वीडियो भेजा, जिसमें वह रहम की भीख मांग रहा था, जबकि उसकी पीठ पर ब्लेड से वार किया गया था।
व्हाट्सएप पर संकेत पटेल को भेजे गए एक अन्य वीडियो में अपहरणकर्ताओं को पंकज को बेल्ट से पीटते हुए देखा जा सकता है। जब संकेत ने रावल से संपर्क किया, तो रावल ने कथित तौर पर उससे कहा कि पैसे मिलने के बाद अपहरणकर्ता दंपति को मुक्त कर देंगे। प्राथमिकी में दावा किया गया है कि रावल ने कथित तौर पर हवाला नेटवर्क के माध्यम से अपहरणकर्ताओं को दो किस्तों में 10 लाख रुपये भेजे गए थे।
प्राथमिकी में कहा गया है कि18 जून को रावल ने संकेत को बताया कि पंकज और निशा को रिहा कर दिया गया है। इसके बाद रावल और गोस्वामी दोनों ने अपने फोन बंद कर लिए और उनसे संपर्क नहीं हो सका। संकेत पटेल ने अपनी शिकायत में दावा किया कि दोनों एजेंटों ने दंपति का अपहरण करवाकर दूसरों के माध्यम से पैसे निकालने की कोशिश की।