{"_id":"6370a93350507b3e8a2a7cf5","slug":"gujarat-assembly-election-navsari-assembly-s-18-villages-announced-to-boycott-voting","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gujarat Election: 'ट्रेन नहीं तो वोट नहीं' 18 गांव के लोगों ने रोकी भाजपा-कांग्रेस की एंट्री, किया यह एलान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Gujarat Election: 'ट्रेन नहीं तो वोट नहीं' 18 गांव के लोगों ने रोकी भाजपा-कांग्रेस की एंट्री, किया यह एलान
Sun, 13 Nov 2022 02:15 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Sun, 13 Nov 2022 02:15 PM IST
सार
ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर ट्रेन न रुकने के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी व्यक्ति को दूसरी जगह पर जाने के लिए कम से कम 300 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
ईवीएम(सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गुजरात विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। तारीखों का एलान हो चुका हैऔर सभी पार्टियां कमर भी कस चुकी हैं। हालांकि, नवसारी विधानसभा के 18 गांवों के लोगों ने सभी दलों की चिंता बढ़ा दी है। इन ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का एलान कर दिया है। इतना ही नहीं, गांव में भाजपा व अन्य दलों के नेताओं के आने और चुनाव प्रचार पर भी रोक लगा दी गई है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण लंबे समय से यहां के अंचेली रेलवे स्टेशन पर लोकल ट्रेनों को रोके जाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांग नहीं मानी गई, इससे वे नाराज हैं। अंचेली रेलवे स्टशन व अन्य स्टेशनों पर ग्रामीणों की ओर से बैनर भी लगाए गए हैं। इन पर लिखा है, 'ट्रेन नहीं तो वोट नहीं।'
विज्ञापन
ट्रेन न होने से ग्रामीणों के सामने कई परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर ट्रेन न रुकने के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसी व्यक्ति को दूसरी जगह पर जाने के लिए कम से कम 300 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि गांव में रहने वाले छात्रों को पढ़ाई में भी समस्या आ रही है। अक्सर उन्हें कॉलेज जाने में देर हो जाती है, जिस कारण लेक्चर भी छूट जाते हैं।
विज्ञापन
कोरोना से पहले रुकती थी ट्रेनें
एक स्थानीय निवासी का कहना है कि 1966 से अंचेली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुक रही हैं। पहले एक पैसेंजर ट्रेन यहां रुकती थी, बाद में उनकी संख्या बढ़ती गई। हालांकि, कोरोना महामारी के समय इस स्टेशन पर ट्रेन रुकना बंद हो गईं। अब जब सब सामान्य हो गया है तब भी ट्रेनें यहां नहीं रुक रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर यहां ट्रेन न रुकी तो मतदान के दिन कोई भी व्यक्ति वोट डालने नहीं जाएगा।