{"_id":"59fd7c724f1c1baf678b9518","slug":"gujarat-akshardham-temple-terror-attack-accused-ajmeri-abdul-rashid-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"अक्षरधाम मंदिर पर आतंकी हमले का आरोपी 15 साल बाद गिरफ्तार ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अक्षरधाम मंदिर पर आतंकी हमले का आरोपी 15 साल बाद गिरफ्तार
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sun, 05 Nov 2017 06:20 AM IST
विज्ञापन
अक्षरधाम मंदिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने शनिवार को गुजरात के अक्षरधाम मंदिर पर आतंकी हमले के मुख्य आरोपियों में शामिल अजमेरी अब्दुल रशीद को गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले 15 साल से फरार चल रहा था। उसका भाई अजमेरी आदम भी इस हमले में शामिल था लेकिन उसे सुप्रीम कोर्ट ने रिहा कर दिया है।
विज्ञापन
गुजरात चुनावः राजनीतिक दृष्टि से बेहद खास था पीएम मोदी का अक्षरधाम दौरा
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक अक्षरधाम मंदिर पर हमले की साजिश में शामिल रशीद सऊदी अरब के रियाद में रह रहा था और शनिवार की सुबह वह अहमदाबाद पहुंचा, जहां उसे क्राइम ब्रांच द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। मालूम हो कि 24 सितंबर, 2002 को गुजरात के गांधीनगर में अक्षरधाम मंदिर परिसर में स्वचालित हथियारों और ग्रेनेड से लैस आतंकियों ने आत्मघाती हमला किया था। इस हमले में 32 श्रद्धालु मारे गए थे। इसके अलावा तीन कमांडो और एक कांस्टेबल शहीद हुए थे।
विज्ञापन
पोटा अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए तीन को मौत की सजा और एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। गुजरात हाईकोर्ट ने निचली अदालत के इस फैसले पर मुहर लगाई थी लेकिन मई, 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी दोषियों को आरोपमुक्त करते हुए बरी कर दिया। इस मामले की जांच करने वाली एजेंसी को लापरवाही बरतने के लिए कड़ी फटकार लगाते हुए शीर्ष अदालत ने कहा था कि आरोपियों को दोषी साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। अभियोजकों ने दावा किया था कि आरोपियों में से कुछ के जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए ताइबा जैसे आतंकी संगठनों से संबंध थे, लेकिन इसे वे अदालत में प्रमाणित नहीं कर पाए।