फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Does humanity exist only for stone-pelters, no human rights for those hit by stones, asks Guj minister

Gujarat: पथराव के आरोपियों पर बरसाए कोड़े, बवाल मचा तो गुजरात के मंत्री बोले- सिर्फ पत्थरबाजों के मानवाधिकार?

Sat, 08 Oct 2022 03:28 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 08 Oct 2022 03:28 PM IST
सार

इस सप्ताह की शुरुआत में खेड़ा जिले के उंधेला गांव में गरबा करने वाले लोगों पर पथराव के बाद पुलिस ने अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ सदस्यों को कोड़े मारे थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर आरोपियों को बेंतों से पीटने का वीडियो सामने आया था। 

विज्ञापन
Does humanity exist only for stone-pelters, no human rights for those hit by stones, asks Guj minister
गुजरात पुलिस

विस्तार

गुजरात में पथराव के आरोपी कुछ लोगों पर सरेआम कोड़े मारने की घटना पर बवाल मच गया है। इस बीच, राज्य के मंत्री हर्ष संघवी ने सवाल उठाए हैं कि क्या सिर्फ पत्थरबाजों के मानवाधिकार हैं? उन्होंने जिन लोगों पर पत्थर बरसाए उन लोगों के कोई मानवाधिकार नहीं हैं? 

विज्ञापन


इस सप्ताह की शुरुआत में खेड़ा जिले के उंधेला गांव में गरबा करने वाले लोगों पर पथराव के बाद पुलिस ने अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ सदस्यों को कोड़े मारे थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा पथराव के आरोपियों को बेंतों से पीटने का वीडियो सामने आया था। इस घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं। 
विज्ञापन


एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पथराव के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को पांच और लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही कुल 18 को पकड़ा जा चुका है। मामले की जांच अब आपराधिक साजिश के एंगल से की जा रही है।  
विज्ञापन
विज्ञापन


मंत्री संघवी ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के मौके पर कहा कि क्या सिर्फ पत्थरबाजों के ही मानवाधिकार हैं? उन महिलाओं व बच्चों के कोई मानवाधिकार नहीं है, जिन्हें सिर में पत्थर लगे। गुजरात के गृह राज्यमंत्री संघवी ने कहा कि क्या गरबा सार्वजनिक स्थानों पर नहीं होना चाहिए? क्या पथराव करने वालों का कोई धर्म है? हर बार पत्थरबाजों के मानवाधिकार का मुद्दा ही क्यों उठता है। इस पर विचार होना चाहिए। 


इस बीच, मामले की जांच कर रहे स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) के निरीक्षक ध्रुवराज चुडास्मा ने कहा कि पुलिस अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से आपराधिक साजिश के एंगल से घटना की जांच कर रही है। एफआईआर में 43 लोगों के नामों का उल्लेख है। पुलिस ने साजिश से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120 (बी) को जोड़ा है। शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को शनिवार को स्थानीय अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed