{"_id":"5df983178ebc3e881e6a3eb5","slug":"gst-council-meeting-tax-structure-will-be-reviewed-to-increase-revenue","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉटरी पर एक मार्च 2020 से 28 प्रतिशत जीएसटी होगा लागू : वित्त मंत्रालय","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
लॉटरी पर एक मार्च 2020 से 28 प्रतिशत जीएसटी होगा लागू : वित्त मंत्रालय
Wed, 18 Dec 2019 09:12 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 18 Dec 2019 09:12 PM IST
विज्ञापन
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सरकार द्वारा चलायी जाने वाली लाटरी या राज्य सरकार द्वारा अधिकृत लॉटरी पर अब 28 फीसदी की दर से वस्तु एवं सेवा कर -जीएसटी- का भुगतान करना होगा।
विज्ञापन
इसी के साथ पैकिंग में काम आने वाले विभिन्न प्रकार के बैग, पालीप्रोपलिन स्ट्रिप एवं कुछ अन्य सामानों पर अब एक समान 18 फीसदी की दर से जीएसटी देय होगा। इस आशय का फैसला बुधवार को यहां जीएसटी परिषद की 38वीं बैठक में लिया गया।
विज्ञापन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई परिषद की बैठक के बाद दी गई जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार द्वारा चलायी जाने वाली या राज्यों से अधिकृत लॉटरी पर एक ही दर, 28 फीसदी जीएसटी देय होगा।
विज्ञापन
यह फैसला एक मार्च 2020 से लागू होगा। परिषद ने पैकिंग में काम आने वाले बुने हुए या बिना हुए बैग, पोलीथीलिन, पोलीप्रोपलीन के स्ट्रिप, तथा कुछ अन्य पैकेंजिंग मैटेरियल पर एक समान 18 फीसदी की दर से जीएसटी वसूलने का फैसला किया है। अभी तक कुछ पैकिंग मैटेरियल पर 10 तो कुछ पर 12 फीसदी की दर से कर वसूला जाता था। यह फैसला एक जनवरी 2020 से लागू होगा।
परिषद ने फैसला किया है कि केंद्र या राज्य सरकार की 20 फीसदी या इससे ज्यादा की हिस्सेदारी वाले औद्योगिक या वित्तीय ढांचागत संरचना के प्लॉट के दीर्घकालीन लीज के समय दिये जाने वाले अपफ्रंट रकम पर अब जीएसटी से छूट मिलेगी।
अभी तक यह छूट तभी मिलती थी जबकि उक्त प्लॉट में सरकार की हिस्सेदारी 50 फीसदी या उससे ज्यादा हो। यह फैसला एक जनवरी 2020 से लागू होगा।
परिषद की इसी बैठक में वार्षिक रिटर्न फार्म जीएसटीआर 9 तथा जीएसटीआर 9सी फार्म दाखिल करने के लिए एक महीने की मोहलत देने का फैसला किया गया। अब कारोबारी 32 जनवरी 2020 तक उक्त फार्म को दाखिल कर सकते हैं।
साथ ही अब कारोबारी जीएसटी-2ए से मेल खायी रकम से ऊपर महज 10 फीसदी राशि का ही इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम कर सकेंगे। पहले यह सीमा 20 फीसदी की थी।