फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Grand festival of Uttar Pradesh in Bengaluru: A wonderful confluence of spirituality, culture and celebration

बंगलूरू में उत्तर प्रदेश का भव्य उत्सव: आध्यात्म, संस्कृति और उत्सव का अद्भुत संगम

Tue, 19 May 2026 10:40 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: Pavan Updated Tue, 19 May 2026 10:40 PM IST
सार

कथक की मोहक लय से लेकर काशी की आध्यात्मिक आभा तक, लोक संगीत की मिट्टी से जुड़ी धुनों से लेकर भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं तक - द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित होने जा रहा उत्तर प्रदेश महोत्सव अब बंगलूरू के दिल में उत्तर प्रदेश के रंगों को साकार करने के लिए तैयार है।

विज्ञापन
Grand festival of Uttar Pradesh in Bengaluru: A wonderful confluence of spirituality, culture and celebration
आध्यात्म, संस्कृति और उत्सव का अद्भुत संगम (फाइल फोटो) - फोटो : X @Gurudev

विस्तार

जब उत्तर भारत की सांस्कृतिक विरासत दक्षिण भारत की युवा ऊर्जा से संगीत, अध्यात्म, नृत्य, भोजन और उत्सव के माध्यम से मिलती है, तब एक असाधारण अनुभव जन्म लेता है। ऐसा ही एक अनूठा और भव्य अनुभव अब 21 मई से शुरू हो रहे उत्तर प्रदेश महोत्सव में देखने को मिलेगा, जिसका आयोजन द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर, बंगलूरू में चार दिनों तक किया जाएगा।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित यह महोत्सव एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक संगम बनने जा रहा है, जहां द आर्ट ऑफ लिविंग का शांत और आध्यात्मिक परिसर उत्तर प्रदेश की विरासत, आध्यात्म, कला और स्वादों के रंगों से जीवंत हो उठेगा। इस विशेष पहल के केंद्र में वह व्यापक दृष्टि है, जिसे वैश्विक आध्यात्मिक गुरु गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर वर्षों से आगे बढ़ाते रहे हैं - ऐसी दृष्टि, जहां संस्कृति, अध्यात्म और समाज क्षेत्रीय सीमाओं से परे जाकर एक सूत्र में जुड़ते हैं।
विज्ञापन


चार दिनों तक आश्रम भक्ति, संगीत और कला के जीवंत उत्सव में परिवर्तित होता दिखाई देगा। लोक प्रस्तुतियां, शास्त्रीय राग, मनोहारी कथक नृत्य, आध्यात्मिक कथावाचन, हस्तशिल्प बाजारों की रौनक और उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों की सुगंध मिलकर ऐसा वातावरण रचेंगी, जो एक ओर भारतीय परंपरा में गहराई से रचा-बसा होगा और दूसरी ओर आधुनिकता की ताजगी से भी भरपूर।
विज्ञापन
विज्ञापन


महोत्सव में पद्म भूषण से सम्मानित पंडित साजन मिश्रा, प्रसिद्ध लोकगायिका एवं पद्मश्री सम्मानित उर्मिला श्रीवास्तव, डॉ. रुचि खरे और गीतांजलि जी सहित अनेक ख्यातिप्राप्त कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। संगीत, नृत्य और कथाओं के माध्यम से बनारस, लखनऊ, मथुरा और पूर्वांचल की समृद्ध कलात्मक परंपराओं को जीवंत किया जाएगा। लोक संस्कृति की मिट्टी से जुड़ी जीवंतता से लेकर हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की गरिमा तक, तथा भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम की परंपराओं से प्रेरित रास-आधारित प्रस्तुतियां इस महोत्सव की संध्याओं को दृश्यात्मक रूप से भव्य और भावनात्मक रूप से गहन बना देंगी।


लेकिन यह अनुभव केवल मंच तक सीमित नहीं रहेगा। आगंतुकों को विशेष रूप से तैयार की गई पर्यटन और आध्यात्मिक प्रदर्शनियों को देखने का अवसर भी मिलेगा, जिनमें अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, दीपोत्सव और कुंभ मेले की भव्यता को प्रदर्शित किया जाएगा। इंटरएक्टिव इंस्टॉलेशन और आधुनिक दृश्यात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की पवित्र सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक भूगोल को एक नए, अनुभवात्मक और समकालीन रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed