'कोटा के कोचिंग सेंटर से नहीं स्वयं पोर्टल से करें आईआईटी जेईई की तैयारी'
- रिफॉर्मिंग एंड रिजुवेनेटिंग इंडियाज हायर एजुकेशन के कार्यक्रम में स्मृति ने निजी संस्थानों से पारदर्शिता, गुणवता सुधारने में सहयोग की अपील
- भारतवाणी में 22 अलग-अलग भाषाओं में स्टडी मैटिरियल
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सरकार कोचिंग सेंटर की बजाय छात्रों को घर बैठे मेडिकल, इंजीनियरिंग या अन्य किसी प्रतियोगिता की तैयारी में मदद करवाना चाहती है। इसलिए स्वयं पोर्टल में आईआईटी जेईई में दाखिले के इच्छुक छात्रों को पुराने टेस्ट पेपर और 13 भाषाओं में एकेडमिक लैक्चर पढ़ने का मौका मिलेगा। यह पोर्टल छात्रों को मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध होगा। यह कहना है कि केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी का। वे बुधवार को दिल्ली में एजुकेशन प्रमोशन सोसायटी फॉर इंडिया (ईपीएसआई) की और से रिफॉर्मिंग एंड रिजुवेनेटिंग इंडियाज हायर एजुकेशन पर आयोजित कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि आईआईटी और आईआईएम की तर्ज पर निजी संस्थान भी आगे बढ़कर ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए उन्नत भारत योजना में सहयोग दें। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उच्चतर शिक्षा की उपलब्धता, पारदर्शिता और गुणवत्ता में सुधार लाने के मकसद से निजी संस्थान यदि साझेदारी के तहत आगे बढ़कर सहयोग करेंगे तो दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र में भारत नंबर एक पर होगा।
स्मृति ने बताया कि 25 मई को भारत वाणी ऐप लॉच करने जा रहे हैं, जिसमें छात्रों को 22 अलग-अलग भाषाओं में उच्चतर शिक्षा के स्टडी मैटिरियल उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि एक साल के अंदर ही हम इसकी पहुंच का विस्तार करते हुए यही शिक्षण सामग्री 100 गैर-अनुसूचित एवं जनजातीय भाषाओं में उपलब्ध कराएंगे। हम इनोवेटिव मोबाइल ऐप और पोर्टल आईआईटी पल भी ला रहे हैं जो इंजीनियरिंग के इच्छुक देशभर के सभी छात्रों को पिछले 50 साल के आईआईटी के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराएगा। इस पोर्टल और ऐप में वरिष्ठ शिक्षकों के वीडियो लेक्चर तथा ऑडियो पाठ भी 13 अलग-अलग भाषाओं उपलब्ध होंगे।