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Maharashtra: मराठा आरक्षण का समर्थन करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई, फडणवीस ने कही ये बात
Fri, 08 Dec 2023 02:49 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 08 Dec 2023 02:49 PM IST
सार
डिप्टी सीएम ने कहा कि राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई मामले की समीक्षा करेगी और उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने कुछ पुलिस अधिकारियों को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया था और बाद में उनका जिले के बाहर ट्रांसफर किया गया।
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Devendra Fadnavis
- फोटो : Social Media
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विस्तार
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में जालना में मराठा आरक्षण का समर्थन करने वाले प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले को वापस लेने की मांग पर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जालना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बहुत ही कम बल का प्रयोग किया था। फडणवीस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान 79 पुलिसकर्मी और 50 लोग घायल हुए थे।
डिप्टी सीएम ने कहा, राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई मामले की समीक्षा करने के बाद उचित कार्रवाई करेगी। सरकार ने कुछ पुलिस अधिकारियों को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया था और बाद में उनका जिले के बाहर ट्रांसफर किया गया।
कार्यकर्ता मनोज जरांगे अपने गृहनगर जालना जिले के अंतरवाली सारती गांव में अगस्त में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे। एक सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को जरांगे को अस्पताल ले जाने से रोक दिया, जिसके बाद यह आंदोलन हिंसक हो गया। पुलिस ने इस मौके पर 360 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। फडणवीस ने बताया कि इस हिंसा में 79 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। बता दें कि जरांगे ने राज्य सरकार को मराठा आरक्षण की मांग को पूरा करने के लिए 24 दिसंबर तक की समयसीमा तय की है।
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डिप्टी सीएम ने कहा, राज्य सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज की गई मामले की समीक्षा करने के बाद उचित कार्रवाई करेगी। सरकार ने कुछ पुलिस अधिकारियों को अनिवार्य छुट्टी पर भेज दिया था और बाद में उनका जिले के बाहर ट्रांसफर किया गया।
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कार्यकर्ता मनोज जरांगे अपने गृहनगर जालना जिले के अंतरवाली सारती गांव में अगस्त में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे थे। एक सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों को जरांगे को अस्पताल ले जाने से रोक दिया, जिसके बाद यह आंदोलन हिंसक हो गया। पुलिस ने इस मौके पर 360 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। फडणवीस ने बताया कि इस हिंसा में 79 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। बता दें कि जरांगे ने राज्य सरकार को मराठा आरक्षण की मांग को पूरा करने के लिए 24 दिसंबर तक की समयसीमा तय की है।
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