स्वतंत्रता दिवस नहीं बारह दिन का उत्सव मनाएगी मोदी सरकार
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केंद्र सरकार इस बार स्वतंत्रता दिवस के बजाए स्वतंत्रता उत्सव मनाने जा रही है। नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम की महत्ता से रुबरू कराने के मकसद से इस बार 4 अगस्त से 16 अगस्त तक आजादी का उत्सव मनाने का फैसला किया गया है।
सरकार का मानना है कि 15 अगस्त के एक दिन के कार्यक्रम से देश के 40 साल से कम उम्र के नौजवानों की नई पीढ़ी अपने को आजादी के इतिहास ने नहीं जोड़ पाती। इस आयु सीमा की नौजवान पीढ़ी पूरी जनसंख्या का करीब 65 फीसदी है।
गौरतलब है कि मानसून सत्र के पहले दिन संसद परिसर में मीडिया को दिए बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के 70 साल के मौके को बड़े पैमाने पर मनाने का संकेत दिया था।
इस फैसले से जुड़े अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि इस उत्सव के लिए जलियावाला बाग और चौरी चौरा जैसे आजादी की लड़ाई से जुड़े 70 ऐतिहासिक स्थलों को चुना गया है। इसके साथ 150 स्वतंत्रता सैनानियों से जुड़े कार्यक्रमों की रुपरेखा तैयारी की जा रही है।
गुमनामी में दबे स्वतंत्रता सैनानियों की पहचान कर रही सरकार
सरकार की योजना है कि उन स्वतंत्रता सैनानियों की पहचान भी की जा रही है जो गुमनामी में दबे हुए हैं। ऐसे गुमनाम हीरो की तलाश के लिए आम लोगों से मदद ली जाएगी। सूत्रों ने बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से स्वतंत्रता सैनानियों के मौजूद ऑडियो और वीडियो टेप निकाल कर उससे संबंधित कार्यक्रम बनाने को कहा गया है।
ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन की एक साल के लिए कार्यक्रम बनाने की योजना है।
साथ ही सभी मंत्रालयों से उत्सव को सफल बनाने के लिए अपनी योजना की रुपरेखा देने का कहा गया है। सूत्रों ने बताया कि सांसदों और मंत्रियों को चुने हुए ऐतिहासिक स्थलों पर जाकर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम करने को कहा जा रहा है। यह कार्यक्रम 12 दिन तक चलेगा।