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Rajya Sabha: 'UPSC अभ्यर्थियों के लिए अतिरिक्त प्रयास-आयु सीमा में बदलाव संभव नहीं' सरकार ने दिया जवाब

Thu, 10 Aug 2023 09:33 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 10 Aug 2023 09:33 PM IST
सार

पीड़ित अभ्यर्थियों ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली में धरना भी दिया था। अभ्यर्थियों का कहना है कि हम केवल प्रभावित उम्मीदवारों को अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जाने कि मांग कर रहे हैं जो पिछले दो वर्षों में परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। 

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govt says not feasible to change existing number of attempts and age-limit for upsc aspirant parliament update
संसद भवन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में अतिरिक्त प्रयास और आयु में छूट की मांग को लेकर सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को इस मुद्दे पर एक सवाल का जवाब दिया। उन्होंने लिखित उत्तर में कहा कि सिविल सेवा परीक्षा के संबंध में प्रयासों की संख्या और आयु-सीमा के संबंध में मौजूदा प्रावधानों में किसी भी बदलाव पर विचार करना संभव नहीं है। 

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उन्होंने कहा कि कुछ सिविल सेवा परीक्षा उम्मीदवारों द्वारा दायर रिट याचिकाओं में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णयों के आधार पर और विभाग-संबंधित संसदीय स्थायी समिति द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को देखते हुए इस मामले पर कार्मिक विभाग में विधिवत विचार किया गया है। इसमें प्रशिक्षण और सीएसई के संबंध में प्रयासों की संख्या और आयु-सीमा के संबंध में मौजूदा प्रावधानों में किसी भी बदलाव पर विचार करना संभव नहीं पाया गया है। 
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उन्होंने कहा कि सीएसई की प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा आयोजित करने की तारीखें और स्थान आयोग द्वारा तय और अधिसूचित किए जाते हैं। 

उन्होंने कहा कि सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा, 2023 को आयोग द्वारा 28.05.2023 को आयोजित किया गया था। साथ ही  परिणाम 12.06.2023 को घोषित किए गए थे। इसमें पर्याप्त संख्या में उम्मीदवारों मतलब 14,624 को योग्य घोषित किया गया है। सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा, 2023 के कुछ असफल उम्मीदवार ने इसके लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। बता दें कि पीड़ित अभ्यर्थियों ने पिछले साल दिसंबर में दिल्ली में धरना भी दिया था। अभ्यर्थियों ने कहा कि हम केवल प्रभावित उम्मीदवारों को अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जाने कि मांग कर रहे हैं जो पिछले दो वर्षों में परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। 

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उपराष्ट्रपति धनखड़ 11 अगस्त को दिल्ली 'हर घर तिरंगा' बाइक रैली को दिखाएंगे हरी झंडी  
जगदीप धनखड़ शुक्रवार को दिल्ली में सांसदों की 'हर घर तिरंगा' बाइक रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। संस्कृति मंत्रालय ने इसके बारे में जानकारी दी है।

इस बयान में कहा गया है कि आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वावधान में 13 से 15 अगस्त तक पूरे देश में 'हर घर तिरंगा' मनाया जाएगा। इसमें लोगों को अपने-अपने घरों पर झंडे फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अभियान की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने और बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 11 अगस्त की सुबह यहां प्रगति मैदान में सांसदों और मंत्रियों के साथ एक 'तिरंगा' बाइक रैली आयोजित की जा रही है। इस रैली को उपराष्ट्रपति धनखड़ हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। यह बाइक रैली इंडिया गेट सर्किल पर पहुंचेगी। इसके बाद रैली इंडिया गेट परिसर से होते हुए मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में समाप्त होगी।

एनसीडब्ल्यू: एनआरआई प्रकोष्ठ को मिली 75 फीसदी शिकायतों का निपटारा बाकी

2019 से 2022 तक राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) के एनआरआई प्रकोष्ठ को मिली करीब 75 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया जाना बाकी है। महिला सशक्तीकरण पर संसदीय समिति की बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से 2022 तक प्रकोष्ठ को कुल 2,056 शिकायतें मिलीं। इनमें से 1554 शिकायतों का निपटारा लंबित है।  


 

पेंशनभोगियों का 'भविष्य में अच्छा आचरण' 1958 से नियमों में शामिल

केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा को बताया, 'पेंशनभोगियों का भविष्य में अच्छा आचरण' 1958 से पेंशन देने और उसे जारी रखने के नियमों में है। दरअसल, उनसे पूछा गया था कि इस साल अखिल भारतीय सेवाओं (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियमों में संशोधन करने का कारण क्या है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, अखिल भारतीय सेवाओं (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियम, 1958 का नियम 3(1) इस प्रकार है- पेंशनभोगियों का भविष्य में अच्छा आचरण पेंशन के प्रत्येक अनुदान और इसकी निरंतरता की एक अंतर्निहित शर्त है। उन्होंने कहा, भविष्य में अच्छे आचरण की शर्त 18 अगस्त, 1958 से नियमों में मौजूद है, उन्होंने कहा, इस उप-नियम में संशोधन नहीं किया गया है।

एएसआई बुद्ध से जुड़े 3 प्रमुख संग्रहालयों को उन्नत करने की परियोजनाओं पर काम कर रहा
सरकार ने राज्यसभा को बताया, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) बिहार (बोधगया, नालंदा) और उत्तर प्रदेश (सारनाथ) में बुद्ध से जुड़े तीन प्रमुख संग्रहालयों के उन्नयन और नवीनीकरण की परियोजनाओं पर काम कर रहा है। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उनसे पिछले तीन वर्षों के दौरान भारतीय संस्कृति के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में पूछा गया था।

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