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चीन समेत पड़ोसी देशों से आने वाले सभी एफडीआई के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी

Sat, 18 Apr 2020 07:21 PM IST
Amit Mandal पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Sat, 18 Apr 2020 07:21 PM IST
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Govt reviews FDI policy for curbing opportunistic takeovers of Indian companies due to #COVID19
FDI

सरकार ने कोविड-19 महामारी के बीच अनुकूल मौका देखते हुए घरेलू कंपनियों के अधिग्रहण की किसी भी कोशिश पर रोक लगाने के लिए भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले विदेशी निवेश के लिये सरकारी मंजूरी को शनिवार को अनिवार्य बना दिया। इस कदम से चीन सहित विभिन्न पड़ोसी देशों से आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में अवरोध खड़ा होगा। भारत के साथ जमीनी सीमाएं साझा करने वाले देशों में चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमा और अफगानिस्तान शामिल हैं।

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डीपीआईआईटी ने बताया, भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों के निकाय अब यहां सिर्फ सरकार की मंजूरी के बाद ही निवेश कर सकते हैं। भारत में होने वाले किसी निवेश के लाभार्थी भी यदि इन देशों से होंगे या इन देशों के नागरिक होंगे, तो ऐसे निवेश के लिए भी सरकारी मंजूरी लेने की आवश्यकता होगी। 
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सरकार के इस निर्णय से चीन जैसे देशों से आने वाले विदेशी निवेश पर प्रभाव पड़ सकता है। सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर घरेलू कंपनियों को प्रतिकूल परिस्थितियों का फायदा उठाते हुये बेहतर अवसर देखकर खरीदने की कोशिशों को रोकने के लिए यह कदम उठाया है।
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पाकिस्तान के निवेशकों पर इस तरह की शर्त पहले से लागू है। पाकिस्तान का कोई नागरिक अथवा पाकिस्तान में बनी कोई भी कंपनी केवल सरकारी मंजूरी के जरिये ही प्रतिबंधित क्षेत्रों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं। रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, ऊर्जा और कुछ अन्य क्षेत्रों में विदेशी निवेश प्रतिबंधित है।

बयान में कहा गया कि सरकार ने मौजूदा हालात का फायदा उठाकर भारतीय कंपनियों को खरीदने की हो सकने वाली कोशिशों को रोकने के लिये प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति की समीक्षा की गई है।

विभाग ने बताया कि किसी भारतीय कंपनी में मौजूदा एफडीआई या भविष्य के एफडीआई से मालिकाना हक बदलता है और इस तरह के सौदों में लाभार्थी भारत से सीमा साझा करने वाले देशों में स्थित होता है या वहां का नागरिक है, तो इनके लिए भी सरकार की मंजूरी की जरूरत होगी। 

एफडीआई नीति में संशोधन पर राहुल ने सरकार को किया धन्यवाद

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड सांसद राहुल गांधी ने भारतीय कंपनियों को अवसरवादी अधिग्रहणों से बचाने की अपनी चेतावनी का संज्ञान लेने और इसके लिए एफडीआई नीति में संशोधन करने के सरकार के फैसले का स्वागत किया है। राहुल ने ट्वीट के जरिए सरकार को धन्यवाद किया। 

सांसद ने ट्वीट किया कि मेरी चेतावनी को संज्ञान में लेने और कुछ खास मामलों में सरकार की मंजूरी को अनिवार्य बनाने हेतु एफडीआई नियमों में संशोधन करने के लिए मैं सरकार को धन्यवाद देता हूं।


 

बता दें कि राहुल ने 12 अप्रैल को एक ट्वीट किया था। जिसमें लिखा था कि भारी आर्थिक सुस्ती ने कई भारतीय कॉरपोरेट्स को कमजोर कर दिया है और वे अधिग्रहणों के आकर्षक लक्ष्य बन गए हैं। सरकार को किसी भी हाल में राष्ट्रीय संकट की इस घड़ी में किसी भी भारतीय कॉरपोरेट को विदेशी हितों के नियंत्रण में जाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

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