भारतीय कोरोना वैक्सीन: दुनिया ने माना लोहा, 110 देशों ने दी कोवाक्सिन और कोविशील्ड को मान्यता
कोवाक्सिन को भारत बायोटेक ने बनाया है तो कोविशील्ड का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के द्वारा किया है। दोनों टीकों को हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आपातकालीन उपयोग सूची (EUL) में भी शामिल किया है।
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कोरोना के खिलाफ भारतीय वैक्सीन का लोहा धीरे-धीरे दुनिया के तमाम देश मानने लगे हैं। भारतीय कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड और कोवाक्सिन को दुनियाभर के 110 देशों ने मान्यता दे दी है। यह जानकारी इस क्षेत्र से जुड़े एक सरकारी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दी है।
110 countries recognise COVID vaccines Covishield & Covaxin: Govt official
— ANI (@ANI) November 18, 2021
इन दोनों टीकों को विश्व स्थास्थ्य संगठन ने आपातकालीन उपयोग सूची में भी शामिल किया है। इसके बाद भारतीय टीकों को मान्यता देने वाले देशों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
आठ टीकों में दो भारत के
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कुछ दिन पहले बताया था कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक आठ कोविड-19 टीकों को मान्यता दी है। यह गर्व की बात है कि इसमें दो टीके भारत के शामिल हैं। कोवाक्सिन को जहां भारत बायोटेक ने बताया है तो कोविशील्ड का उत्पदान सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है।
बड़े-बड़े देशों की भी मान्यता
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत के दोनों टीकों को मान्यता देने वाले देशों में कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूके, जर्मनी, फ्रांस, रूस, बेल्जियम और स्विट्जरलैंड जैसे देश भी शामिल हें।
अन्य देशों से बात कर रही भारत सरकार
केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने कहा कि भारत सरकार दुनिया के बाकी देशों के साथ संपर्क साधे हुए है। ताकि शिक्षा, व्यवसाय, पर्यटन के लिए सभी नागरिक एक-दूसरे देश की यात्रा कर सकें। इसके लिए दुनिया के सबसे बड़े कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम के लाभार्थियों को स्वीकृति और मान्यता देने पर बात चल रही है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण प्रमाणपत्र की पारस्परिक मान्यता के लिए कई देश राजी हो गए हैं। जो लोग विदेश यात्रा करना चाहते हैं, वे को-विन पोर्टल से टीकाकरण प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
इन देशों ने दी मान्यता
आयरलैंड, नीदरलैंड, स्पेन, बांग्लादेश, फिनलैंड, माली, घाना, सिएरा लियोन, नाइजीरिया, सर्बिया, पोलैंड, स्लोवाक रिपब्लिक, क्रोएशिया, बुल्गारिया, तुर्की, चेक गणराज्य, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, ऑस्ट्रिया, रूस, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर आदि देशों ने टीकाकरण प्रमाणपत्रों की परस्पर मान्यता के लिए सहमति व्यक्त की है।