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AIADMK vs DMK: अन्नाद्रमुक नेता की स्टालिन सरकार को हिदायत, कहा- धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप ठीक नहीं
Fri, 10 Jun 2022 09:58 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मयिलादुथुराई (तमिलनाडु)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मयिलादुथुराई (तमिलनाडु)
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 10 Jun 2022 09:58 PM IST
सार
पलानीस्वामी ने अधीनम की अपनी यात्रा के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार को किसी भी धार्मिक मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही सरकार को पुरातन प्रथाओं में भी हस्तक्षेप से बचना चाहिए।
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के पलानीस्वामी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता के. पलानीस्वामी ने शुक्रवार को तमिलनाडु की स्टालिन सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। उसे सभी धर्मों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। विपक्ष के नेता ने धर्मपुरम अधीनम पोंटिफ श्रीलाश्री मासिलामणि देसिका ज्ञानसंबंध परमाचार्य स्वामी का आशीर्वाद लेने के बाद यह बात कही। अधीनम एक तमिल शब्द है, जो एक शैव मठ और उसके प्रमुख को दर्शाता है। शैव मठ के पुजारी को अधीनाकारथार भी कहा जाता है।
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पलानीस्वामी ने अधीनम की अपनी यात्रा के बाद संवाददाताओं से कहा कि सरकार को किसी भी धार्मिक मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही सरकार को पुरातन प्रथाओं में भी हस्तक्षेप से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर अधीनम में अपनी नाक अड़ाने की कोशिश कर रही है। यह खेदजनक और निंदनीय है।
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पलानीस्वामी ने कहा कि एक प्रथागत कार्यक्रम 'पट्टिना प्रवेशम' जिसमें भक्तों द्वारा मठ परिसर में और उसके आसपास एक पालकी पर पोंटिफ को ले जाया जाता है। उस पर प्रतिबंध कर दिया गया था। बाद में राजनीतिक दलों और लोगों के कड़े विरोध के बाद सरकार को अपना फैसला रद्द करना पड़ा।
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उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन पिछली द्रमुक और अन्नाद्रमुक सरकारों के दौरान भी होते रहे हैं, लेकिन इस सरकार ने लगभग 500 वर्षों से चली आ रही इस प्रथा पर द्रमुक सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया। अन्नाद्रमुक नेता ने कहा कि उनकी पार्टी ने प्रतिबंध का विरोध किया था और इस मुद्दे पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव भी पेश किया था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और लोगों के दबाव के बाद ही सरकार को प्रतिबंध वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रतिबंध के कारण विवाद खड़ा हो गया था। इसे पिछले महीने ही रद्द कर दिया गया था।