फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Govt formation delayed because Mahayuti did not expect to win: Uddhav

Maharashtra: 'महायुति को नहीं थी जीत की उम्मीद...', सरकार गठन में देरी को लेकर उद्धव ठाकरे ने साधा निशाना

Sat, 30 Nov 2024 10:14 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 30 Nov 2024 10:14 PM IST
सार

Maharashtra: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख महायुति ने कभी नहीं सोचा था कि वह फिर से सत्ता में आएंगे, इसलिए उनके पास मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद के बारे में कोई योजना नहीं थी। यही वजह है कि सरकार गठन में समय लग रहा है।

विज्ञापन
Govt formation delayed because Mahayuti did not expect to win: Uddhav
उद्धव ठाकरे - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शनिवार को दावा किया कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने में देरी इसलिए हो रही है, क्योंकि सत्तारूढ़ महायुति के दलों कभी सोच भी नहीं था कि वे फिर से सत्ता में आएंगे। ठाकरे की ओर से यह बयान उस समय आया, जब कुछ घंटों पहले ही महायुति की ओर से शपथ ग्रहण समारोह की तारीख पांच दिसंबर तय की गई। 

विज्ञापन

 
उद्धव ठाकरे सामाजिक कार्यकर्ता बाबा अधव के पास बैठे थे, जिन्होंने 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और धनबल के खिलाफ तीन दिनों तक प्रदर्शन किया। ठाकरे ने सवा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की भारी जीत के बाद भी कोई जश्न क्यों नहीं मनाया गया। उन्होंने कहा, (2019 के चुनावों के बाद) जब महा विकास अघाड़ी (एमवीए) गठित हुई थी, तब राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। इस बार कोई सरकार बनाने का दावा नहीं कर रहा है, फिर भी राष्ट्रपति शासन क्यों नहीं लगाया जा रहा है? 
विज्ञापन

 
उन्होंने आगे कहा, उन्होंने (महायुति) ने कभी नहीं सोचा था कि वह फिर से सत्ता में आएंगे, इसलिए उनके पास मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद के बारे में कोई योजना नहीं थी। यही वजह है कि सरकार गठन में समय लग रहा है। उन्होंने यह भी मांग की कि सभी वोटर-वेरिफाइट पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) पर्चियों की गिनती की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, कोई भी देख सकता है कि वोट डाले गए हैं, लेकिन यह कैसे सत्यापित किया जाए कि वोट कैसे दर्ज किया गया है?
विज्ञापन
विज्ञापन


शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने यह भी दावा किया कि 20 नवंबर को मतदान के अंतिम एक घंटे में 76 लाख वोट डाले गए थे, जिसका मतलब था कि हर मतदान केंद्र पर औसतन एक हजार वोट डाल रहे थे। जबकि मतदान केंद्रों के बाहर ऐसी लंबी कतारें नहीं दिखीं। 

संबंधित वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed