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Tamil Nadu: 'राष्ट्रगान के लिए उचित सम्मान नहीं..' DMK पर भड़के राज्यपाल, विधानसभा में जल्दी खत्म किया अभिभाषण
Mon, 12 Feb 2024 12:27 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Mon, 12 Feb 2024 12:27 PM IST
सार
राज्यपाल रवि ने कहा कि कई बार अनुरोध और सलाह के बाद भी राष्ट्रगान के प्रति उचित सम्मान नहीं दिखाया जा रहा है। इसके साथ ही संबोधन की शुरुआत और अंत में इसे बजाने के मेरे अनुरोध को नजरअंदाज कर दिया गया।
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राज्यपाल आरएन रवि
- फोटो : एएनआई
विस्तार
तमिलनाडु विधानसभा के इतिहास में पहली बार राज्यपाल आरएन रवि ने सोमवार को सदन में अपने अभिभाषण को कुछ ही मिनटों के भीतर समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अभिभाषण की सामग्री को लेकर सरकार से सहमत नहीं हैं। इसके अलावा, उन्होंने राष्ट्रगान के प्रति सम्मान नहीं दिखाने के लिए डीएमके शासन की आलोचना कर नाराजगी जाहिर की।
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राज्यपाल रवि ने कहा, 'मेरे बार-बार अनुरोध और सलाह के बाद भी राष्ट्रगान के प्रति उचित सम्मान नहीं दिखाया जा रहा है। इसके साथ ही संबोधन की शुरुआत और अंत में इसे बजाने के मेरे अनुरोध को नजरअंदाज भी कर दिया गया है।' बता दें, विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के लिए सरकार ने 12 फरवरी को सदन की बैठक बुलाई थी।
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#WATCH | At the Tamil Nadu assembly session, Governor RN Ravi says, "My repeated request & advice to show due respect to the national anthem and play it at the beginning & end of the address has been ignored. This address has numerous passages with which I convincingly disagree… pic.twitter.com/BhFLWS09Ws
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 12, 2024
उन्होंने कहा, 'इस अभिभाषण में कई ऐसे अंश हैं जिनसे मैं तथ्यात्मक और नैतिक आधार पर सहमत नहीं हूं। मेरा इसे पढ़ना एक संवैधानिक उपहास होगा। इसलिए सभा के सम्मान में, मैं अपना अभिभाषण यहीं समाप्त करता हूं। लोगों की भलाई के लिए इस सदन में सार्थक और स्वस्थ चर्चा की कामना करता हूं।'
रवि ने विधानसभा अध्यक्ष एम अप्पावु, मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और विधायकों को तमिल में शुभकामनाएं देने के बाद सरकार के साथ अपनी असहमति व्यक्त करने के कुछ ही मिनटों के भीतर अपना भाषण समाप्त कर दिया। हाल ही में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी कुछ मिनटों में अपना पारंपरिक संबोधन समाप्त कर दिया था और केवल अंतिम पैराग्राफ पढ़ा था।
मैं उन्हें दोष नहीं देना चाहता: अप्पावू
तमिलनाडु विधानसभा में राज्यपाल आरएन रवि के अभिभाषण को पढ़ने से इनकार करने के बाद विधानसभा अध्यक्ष एम. अप्पावू ने कहा, 'राज्यपाल ने अपना पूरा भाषण नहीं पढ़ा, लेकिन मैं उन्हें दोष नहीं देना चाहता। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रगान होना चाहिए था। हर किसी की राय होती है, अगर हम कुछ भी कहते हैं तो यह नैतिक नहीं होगा। इस सरकार में मुख्यमंत्री, मंत्री और सभी विधायक अलग-अलग मतों के बावजूद राज्यपाल के साथ सम्मान से पेश आते हैं।'
वह यह भी नहीं जानते कि तमिलनाडु कहां हैं: एलंगोवन
डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने कहा, 'वह नहीं जानते कि तमिलनाडु कहां है। उन्हें पहले यह पता लगाना चाहिए कि तमिलनाडु कहां है क्योंकि पिछले 25 वर्षों से राज्यपाल के अभिभाषण से पहले विधानसभा में सबसे पहले तमिल गान गाया जाता था और फिर अंत में राष्ट्रगान गाया जाएगा। 20-25 साल से भी अधिक समय से यही परंपरा रही है।'
उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर सहमत नहीं होने पर कहा, 'अभिभाषण में जो कुछ है, उससे सहमत होने वाले वह कौन होते हैं?राज्य सरकार की नीति राज्यपाल को विधानसभा में पढ़ने के लिए दी जाती है। वह इसे पढ़ें या न पढ़ें, विधानसभा की कार्यवाही का हिस्सा बनने दें। यह वह पार्टी है जो सरकार चला रही है, जिसने उन लोगों से कुछ वादे किए हैं, जिन्होंने उन्हें चुना है। यह उन्हें तय करना है कि पता क्या है। संसद में भी, राष्ट्रपति का अभिभाषण सरकारी कैबिनेट द्वारा तैयार किया जाता है, राष्ट्रपति द्वारा नहीं। उनका पहले से ही कई लोगों द्वारा मजाक उड़ाया जा रहा है। वो जोकर बनता जा रहा है।'
यह राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच का मुद्दा: पलानीस्वामी
तमिलनाडु के नेता और एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के पलानीस्वामी ने कहा, 'राज्यपाल ने अनुरोध किया कि तमिलनाडु विधानसभा के सत्र की शुरुआत में राष्ट्रगान गाया जाए। उनके सुझाव को नजरअंदाज करने के बाद, उन्होंने संबोधन देने से इनकार कर दिया। यह राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच का मुद्दा है।'