आधार पर विपक्ष के घेरने की योजना को सरकार ने किया नाकाम
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गौरतलब है कि बजट सत्र का पहला चरण 16 मार्च को खत्म हो रहा है। विपक्ष राज्यसभा को 18 मार्च तक बढ़ा देने की पेशकश की थी। लोकसभा में बहुमत से पास हो जाने के बाद सोमावार को आधार संबंधी यह मनी बिल राज्यसभा में भी पेश कर दिया गया।
नियम के मुताबिक किसी भी मनी बिल को लोकसभा के बाद राज्सभा में बहुमत के पास होने की जरुरत नहीं। इसे सिर्फ बहस के लिए राज्यसभा पेश किया जाता है।
राज्यसभा में विपक्ष उठाना चाह रही थी फायदा
उच्च सदन में अल्पमत वाला विपक्ष अगर कोई बदलाव चाहता भी है तो लोकसभा उसे बदलने पर बाध्य नहीं। विपक्ष इस मौके का फायदा इसके विरोध के रुप में उठाना चाह रही थी। विपक्ष को इस बिल के कई प्रावधानों पर गंभीर आपत्ति है। विशिष्ट पहचान संख्या कार्यक्रम को कानूनी जामा पहनाना उन आपत्तियों में एक है।
विपक्ष के इसी मंशा को समझते हुए सरकार ने आधार बिल को मनी बिल के रुप में पेश कर लोकसभा से पास करवा लिया है। अगर 14 दिन के भीतर राज्सभा में इसपर बहस नहीं हुआ तो इसे दोनों सदनों से पास माना जाएगा।