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बच्चों का भीख मांगना अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी मोदी सरकार

Thu, 11 May 2017 08:03 AM IST
धीरज कनोजिया/ अमर उजाला, नई दिल्ली
धीरज कनोजिया/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 11 May 2017 08:03 AM IST
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Government will adopt zero tolerance on children beggar
सांकेतिक चित्र - फोटो : getty images
महानगरों की सड़कों और लाल बत्ती पर बच्चों का भीख मांगना अब मोदी सरकार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्रालय बच्चों के भीख मांगने के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है। दिल्ली, मुंबई समेत छह बड़े महानगरों में अगस्त के महीने में यह अभियान शुरू होने जा रहा है। इस अभियान में पुलिस की मदद से भीख मांग रहे बच्चों को मुख्यधारा में शामिल करने को लेकर कोशिश की जाएगी। 
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महिला बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा, ‘हमने अगस्त में तय किया है कि बच्चों के भीख मांगने को लेकर ‘जीरो टोलरेंस’ महीना आयोजित करने जा रहे हैं। पहले छह बड़े मेट्रो में पुलिस की मदद लेकर हम बैकहेंड सुविधा की व्यवस्था करने जा रहे हैं। यानी खुले आश्रय स्थल (ओपन शेल्टर), बाल गृह जैसे विकल्प अपनाए जाएंगे।’ ये बच्चे हमेशा के लिए बाल गृह केंद्रों में रहना नहीं चाहते। जिनको अपने मां बाप के साथ वापस जाना है। वह जा सकते हैं या फिर जो अनाथ हैं या चोरी किए गए हैं। उनके पुनर्वास के लिए रास्ते खोजे जाएंगे। 
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महिला बाल विकास मंत्रालय ने 33 स्टेशनों में ट्रेनिंग देकर एनजीओ खड़ा किया है। पिछले तीन महीने में 19 हजार बच्चों को पकड़ा, जो भीख मांग रहे थे। 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन में हर महीने चार लाख फोन मिलते हैं। जिनमें से एक लाख फोन सड़क पर भीख मांग रहे बच्चों को लेकर मिलते हैं। मंत्रालय इन बच्चों को मुख्यधारा लाने की कोशिश कर रहा है। महिला बाल विकास मंत्रालय के तहत आने वाला राष्ट्रीय बाल अधिकार सरंक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने हाल ही में ऐसे बच्चों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रक्रिया तय की है। 
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इसके तहत सड़क पर गुजर बसर करने वाले बच्चों के पुनर्वास का काम एनजीओ को दिया जाएगा। जो ऐसे बच्चों से संपर्क करेगा। उनको बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया जाएगा। इसके बाद समिति बच्चों के पालन पोषण के लिए  अल्पकालिक व्यवस्था करेगी। उसे नजदीकी बाल कल्याण केंद्र भेजा जाएगा। वहां उसे जब तक रखा जाएग तब तक बच्चे के परिवार वाले संपर्क नहीं करते। इन बच्चों को आधार कार्ड, बैंक खाते, स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाओं की योजना बना रही हैं।
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